
बिरसा चौक के पास की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे और भारी उद्योग मंत्रालय से लिखा गया था पत्र, सरकार केवल उनके आग्रह का पालन कर रही थी

रांची : झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी को गरीबों के नाम पर और उन्हें सामने रखकर लोगों और समाज को बरगलाना बंद करना चाहिए। सुप्रियो ने कहा कि बिरसा चौक के पास जिस जमीन से अतिक्रमण हटाने को लेकर बाबूलाल वहां के लोगों को सीएम हाउस घेरने के लिए जाने को कह रहे थे, पहले उन्हें सच्चाई जाननी चाहिए।

बिरसा चौक के पास अतिक्रमण हटाने के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे और एचईसी की ओर से पत्र लिखा गया था। पत्र में कहा गया था कि उनकी जमीन पर बसे जो लोग अतिक्रमण करके बड़ी बड़ी कॉलोनियां बनवा लिए हैं। उनको खाली करनेवाने में जिला-प्रशासन सहयोग करे। चूंकि लॉ एंड आर्डर राज्य सरकार का विषय है तो इस मामले में जिला प्रशासन उनको सहयोग कर रहा था।
अब कोई भी केंद्रीय संस्था राज्य सरकार से अनुरोध करेगी तो राज्य सरकार क्या करेगी।तो बाबूलाल ने भारी उद्योग मंत्रालय को पत्र क्यों नहीं लिखा कि वह अपना अनुरोध वापस ले। भारतीय रेल के अधीन दक्षिण पूर्व रेलवे का पत्र वापस ले।
सुप्रियो ने कहा कि झारखंडी जनता अतिक्रमणकारी नहीं है। यहां जो बाहरी आकर बसे हैं उनको हटाने की बात हो रही है। असम में अंबानी को 3000 बीघा जमीन दे दी गयी। कोर्ट को कहना पड़ा कि पूरा जिला अंबानी को दे दीजियेगा। धारावी को अडानी को दे दिया। छत्तीसगढ़ का हसदेव जंगल अडानी को दे दिया। अब बाबूलाल मरांडी हमें बतायेंगे कि विस्थापन किसको कहते हैं।
उनको एचईसी और रेलवे के पास जाना चाहिए। उनके सांसद हैं यहां पर, उनके सांसद तो मंत्री भी हैं। क्यों नहीं वे इस मामले में सांसद को बोलते हैं। बार-बार भ्रम फैला रहे हैं सीएम आवास को घेरेंगे। पहले एचईसी को घेर के दिखाइए। डीआरएम ऑफिस को घेर के दिखाइए। पुलिस वहां आपका पूरा स्वागत करेगा। सीआइएसएफ पूरा स्वागत करेगा। पहले वहां का माला पहनिए फिर आइए सीएम आवास में।
बार-बार गरीबों को सामने रखकर उनके नाम पर, लोगों और समाज को बरगलाइए मत। गंदी राजनीति आप कर रहे हैं। इसका मुंहतोड़ जवाब देना हमें आता है। हमने विस्थापन और पुनर्वास आयोग बनाया। हम विस्थापन का दर्द जानते हैं। उन्होंने कहा कि एचईसी और रेलवे की जमीन पर जो बसे हैं, वो सारे लोग जमीन दलाली का काम करते हैं। उनको जब तकलीफ होता है तो बाबूलाल सामने आ जाते हैं।
बोकारो के डीएमएफटी घोटाले पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि डीएमएफटी का चेयरमैन सीनियर मोस्ट सांसद होता है। जब घोटाले की बात आयी तब भी वहां भाजपा के थे। अब भी भाजपा के हैं।चंदनक्यारी में तो नेता प्रतिपक्ष ही थे। उन्होंने कहा कि भाजपा के जो सांसद डीएमएफटी के चेयरमैन हैं। वे अपने हिस्से का रिचार्ज बाबूलाल को दें। नहीं तो वे इसी तरह उन्हें बदनाम करेंगे।


