नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बाबूलाल मरांडी का हमला, झारखंड सरकार पर विरोध का आरोप

Dayanand Roy
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रांची: झारखंड में विपक्ष के नेता और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। रविवार को रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान

मरांडी ने बताया कि केंद्र सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य से ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ प्रस्तुत किया था, जिसमें लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है।

झारखंड में बढ़ सकती थीं सीटें

उन्होंने कहा कि यदि यह अधिनियम लागू होता, तो झारखंड में लोकसभा सीटों की संख्या 14 से बढ़कर 21 हो सकती थी, जिनमें 7 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होतीं।

इसी तरह विधानसभा की सीटें 81 से बढ़कर 121 तक हो सकती थीं, जिससे 40 से अधिक सीटों पर महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिलता।

राज्य सरकार पर विरोध का आरोप

मरांडी ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने इस महत्वपूर्ण विधेयक का समर्थन करने के बजाय इसके विरोध में मतदान किया।

उन्होंने कहा कि इससे झारखंड की महिलाएं बेहतर राजनीतिक प्रतिनिधित्व के अवसर से वंचित रह गईं।

विशेष सत्र बुलाने की मांग

विपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएं और इस विधेयक के समर्थन में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजें।

उन्होंने कहा कि इससे इस कानून को दोबारा लाने का रास्ता खुल सकता है और महिलाओं को अधिक अवसर मिल सकते हैं।

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