
रांची : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने शुक्रवार को कहा है कि हेमंत सरकार जान-बूझकर परीक्षा विज्ञापनों में ऐसी शर्तें जोड़ रही है, जिससे या तो अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा सके या उसे कोर्ट कचहरी के चक्कर में फँसाया जा सके। जेटेट परीक्षा को लेकर हेमंत सरकार की दोहरी नीति एक बार फिर उजागर हुई है।

उन्होंने कहा कि युवा विरोधी हेमंत सरकार ने जान-बूझकर भाषा विवाद खड़ा किया और जब भारी विरोध हुआ, तो परीक्षा का विज्ञापन ही रद्द कर दिया। यह सब सिर्फ़ युवाओं को गुमराह करने और उन्हें नौकरी से वंचित रखने के लिए किए जा रहे हैं।

गढ़वा, पलामू और खूंटी जैसे जिलों की सांस्कृतिक और भाषाई विविधता को नज़रअंदाज़ करना, कोई भूल नहीं बल्कि सरकार की एक सोची-समझी साजिश है, ताकि परीक्षा को विवादों और अदालती प्रक्रिया में उलझाया जा सके।
हेमंत सोरेन जी, छात्रों के कीमती समय की भरपाई कौन करेगा?


