पलामू: पलामू पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बड़ी कार्रवाई की है। नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र में पुलिस ने नारियल पानी के लिए इस्तेमाल होने वाले डाब के बीच छिपाकर ट्रक से लाई जा रही 443 किलो गांजे की खेप बरामद की है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ 20 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस ने इस मामले में दो सगे भाइयों जमशेद आलम और अली रजा को गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ कर पुलिस गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, 28 अगस्त को पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी को सूचना मिली थी कि नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के महुरांव गांव में गांजे की बड़ी खेप लाई गई है। सूचना के आधार पर छतरपुर एसडीपीओ प्रशांत कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम में छतरपुर अंचल के पुलिस निरीक्षक द्वारिका राम, नौडीहा बाजार थाना प्रभारी नीरज कुमार और पुलिस बल के जवान शामिल थे।
ट्रक से गांजा उतारते समय दोनों गिरफ्तार
पुलिस टीम ने महुरांव चौक के पास दबिश दी। यहां आइसर ट्रक (OD14AB 1072) से गांजा उतारकर टेंपो में रखा जा रहा था। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को पकड़ लिया।
इसके बाद ट्रक और टेंपो की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ट्रक में डाब (नारियल पानी) के बीच छिपाकर रखे गए 16 प्लास्टिक के बोरे मिले। इन बोरों में 424 छोटे पैकेट थे, जिनमें कुल 443 किलो गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने डीडी किट से जांच की, जिसमें बरामद पदार्थ के गांजा होने की पुष्टि हुई।
ट्रक, टेंपो और मोबाइल फोन भी जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गांजे के साथ तस्करी में इस्तेमाल आइसर ट्रक, टेंपो और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, जब्त मोबाइल फोन ओप्पो और नथिंग कंपनी के हैं।
पलामू से ओडिशा तक जुड़े हैं तस्करी के तार
पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने प्रेस वार्ता में बताया कि शुरुआती जांच में गांजा तस्करी के तार पलामू, बिहार के औरंगाबाद और ओडिशा तक जुड़े होने की जानकारी मिली है।
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की पहचान करने में जुटी है। एसपी ने कहा कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ ‘ऑपरेशन प्रहार’ लगातार जारी रहेगा और तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
