Jharkhand Cabinet: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। सबसे बड़ा फैसला रांची के कांके स्थित नगड़ी मौजा में रिम्स-2 के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति देने का रहा। करीब 4,189 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार रिम्स-2 परियोजना के संचालन के लिए एक विशेष प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) का गठन किया जाएगा। परियोजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए वित्तीय नियमों में आवश्यक छूट देते हुए आईआईएम रांची को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और XISS रांची को इम्पैक्ट असेसमेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
BDO और CO की तैनाती में बदलाव
राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की कमी को देखते हुए सरकार ने प्रखंड और अंचल स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव का फैसला लिया है। अब राज्य के केवल 164 प्रखंड और अंचलों में अलग-अलग BDO और CO तैनात रहेंगे।
इसके अलावा 53 अंचलों में केवल CO की पोस्टिंग होगी, जो BDO की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। वहीं 54 प्रखंडों में सिर्फ BDO की नियुक्ति होगी और वे CO का कार्य भी संभालेंगे। यह व्यवस्था उन क्षेत्रों में लागू होगी, जहां 12 से कम पंचायतें हैं।
इन अहम प्रस्तावों पर भी लगी मुहर
कैबिनेट ने राज्य में वीबी जी रामजी योजना लागू करने की स्वीकृति भी दी। इसके साथ ही सरकारी सेवकों की पदोन्नति से जुड़े वर्ष 2014 के संकल्प में संशोधन को मंजूरी दी गई। नए प्रावधान के तहत सचिवालय सेवा के अधिकारियों की पदोन्नति अवधि बढ़ने की संभावना है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव के अनुसार अब सदर अस्पतालों में इंटर्नशिप करने वाले विदेशी मेडिकल छात्रों को भी स्टाइपेंड मिलेगा। पहले यह सुविधा केवल मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप करने वाले विदेशी छात्रों तक सीमित थी।
कैबिनेट ने चाईबासा के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशिकांत प्रसाद को सेवा से बर्खास्त करने की मंजूरी दी। वे वर्ष 2015 से लगातार अनुपस्थित बताए गए हैं।
सड़क, शिक्षा और उद्योग को भी मिली मंजूरी
बैठक में कई विकास परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई। इनमें रांची के बिरसा चौक से धुर्वा गोलचक्कर होते हुए चांदनी चौक तक 2.69 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 36.30 करोड़ रुपये, साहिबगंज और गोविंदपुर-साहिबगंज मार्ग के सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण की परियोजनाएं, सरायकेला में औद्योगिक इकाई के लिए सरकारी भूमि की लीज तथा बोकारो के चंदनकियारी में पेबया ऋषिकेश विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए लेटर ऑफ इंटेंट जारी करने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
इसके अलावा हजारीबाग और रामगढ़ खान परिषद के कर्मचारियों के बकाया भुगतान, झारखंड योजना सेवा नियमावली-2026, सीएजी रिपोर्ट को विधानसभा में प्रस्तुत करने और अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई।
