गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिनका असर हड्डियों, मांसपेशियों और जोड़ों पर भी पड़ता है. जैसे-जैसे गर्भस्थ शिशु का विकास होता है, शरीर का वजन बढ़ता है और घुटनों व जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगता है. इसके अलावा, पोषक तत्वों की कमी, मांसपेशियों में खिंचाव, लंबे समय तक खड़े रहने या हल्की चोट के कारण भी घुटनों में दर्द हो सकता है. कई बार यह दर्द इतना बढ़ जाता है कि चलना-फिरना या घुटने मोड़ना भी मुश्किल हो जाता है. ऐसे में बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर लेने से बचना चाहिए, क्योंकि गर्भावस्था में कुछ दवाएं नुकसान पहुंचा सकती हैं.
हल्दी और अदरक से मिल सकती है राहत
हल्दी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सिडेंट गुण सूजन और दर्द कम करने में मदद कर सकते हैं. रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पीने से लाभ मिल सकता है. वहीं, अदरक भी प्राकृतिक दर्द निवारक माना जाता है. इसमें मौजूद तत्व जोड़ों की सूजन कम करने में सहायक हो सकते हैं. इसके लिए पानी में अदरक उबालकर उसमें थोड़ा शहद मिलाकर पीना एक अच्छा घरेलू विकल्प हो सकता है.
मालिश और सिकाई भी हैं असरदार उपाय
घुटनों के दर्द में हल्के गुनगुने सरसों, तिल या जैतून के तेल से मालिश करने से मांसपेशियों को आराम मिलता है और रक्त संचार बेहतर होता है. चाहें तो डॉक्टर की सलाह के बाद कुछ बूंदें एसेंशियल ऑयल भी मिलाई जा सकती हैं. इसके अलावा, गर्म और ठंडी सिकाई भी दर्द व सूजन कम करने में मदद कर सकती है. पहले हल्की गर्म सिकाई करें और फिर कुछ मिनट तक ठंडी सिकाई करें. ध्यान रखें कि पानी या पैक बहुत ज्यादा गर्म न हो.
हल्की एक्सरसाइज और जरूरी सावधानियां
प्रेग्नेंसी के दौरान नियमित हल्की एक्सरसाइज या प्रेग्नेंसी योग करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं और घुटनों पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है. हालांकि, कोई भी व्यायाम केवल डॉक्टर या प्रशिक्षित फिटनेस एक्सपर्ट की सलाह और निगरानी में ही करें. साथ ही, संतुलित आहार लें, पर्याप्त पानी पिएं और लंबे समय तक लगातार खड़े रहने से बचें. यदि दर्द बहुत अधिक हो, सूजन बढ़ जाए या चलने-फिरने में गंभीर परेशानी होने लगे, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ या ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से सलाह लें. सही देखभाल और सावधानी अपनाकर गर्भावस्था के दौरान घुटनों के दर्द को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है.
