JSCA स्टेडियम भगदड़ पर दीपक प्रकाश का हमला, बोले- यह हादसा नहीं बल्कि कुप्रबंधन की नाकामी है

जेपीएल फाइनल के दौरान JSCA स्टेडियम में हुई भगदड़ पर दीपक प्रकाश ने कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए न्यायिक जांच, जवाबदेही तय करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

Dayanand Roy
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JSCA Stadium : जेपीएल फाइनल के दौरान रांची के JSCA स्टेडियम में हुई भगदड़ की घटना को लेकर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सांसद दीपक प्रकाश ने आयोजन समिति, JSCA प्रबंधन और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि घोर लापरवाही और कुप्रबंधन का परिणाम है।

दीपक प्रकाश ने कहा कि जब आयोजन का बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार किया गया था और मुफ्त प्रवेश की व्यवस्था थी, तब बड़ी संख्या में दर्शकों के आने की संभावना पहले से थी। इसके बावजूद भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा प्रबंधन और आपातकालीन व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए। उन्होंने सवाल किया कि सीमित प्रवेश द्वार ही क्यों खोले गए और पर्याप्त पुलिस बल, दंडाधिकारी तथा बैरिकेडिंग की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।

उन्होंने झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (JSCA) से जवाब मांगते हुए कहा कि दर्शकों की सुरक्षा के साथ समझौता करने की जिम्मेदारी किसकी है। स्टेडियम की क्षमता और संभावित भीड़ का अनुमान होने के बावजूद यदि उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

पूर्व सांसद ने राज्य सरकार और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि इतने बड़े आयोजन की अनुमति दिए जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन और सरकार की जिम्मेदारी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और पुलिस समय रहते आवश्यक कदम उठाने में विफल रहे।

दीपक प्रकाश ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने JSCA प्रबंधन, आयोजन समिति और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि यदि लापरवाही साबित होती है तो जिम्मेदार लोगों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।

उन्होंने भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए टिकट या पास आधारित प्रवेश व्यवस्था, सभी गेटों का संचालन, पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, मेडिकल इमरजेंसी सिस्टम तथा मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के सख्ती से पालन को अनिवार्य बनाने की आवश्यकता बताई। उनके अनुसार, जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस मामले में जवाबदेही तय होना जरूरी है।

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