केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा है कि प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध झारखंड के पास विकास की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने पर झारखंड विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।
मंगलवार को बिष्टुपुर स्थित सिंहभूम चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री सभागार में भाजपा जमशेदपुर महानगर की ओर से आयोजित “विकसित भारत संकल्प सम्मेलन” को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से भरपूर राज्य है, लेकिन अभी भी कई खदानें बंद पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि खनन, उद्योग और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में राज्य के पास व्यापक अवसर मौजूद हैं, जिनका लाभ बेहतर नीति और समन्वय के माध्यम से उठाया जा सकता है।
सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले 12 वर्षों में विकास को नई गति देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, आधारभूत संरचना विकास और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं के माध्यम से देश में व्यापक बदलाव देखने को मिला है।
उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है, जिससे शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनी है। उनके अनुसार, विकास की इस प्रक्रिया में राज्यों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी सबसे बड़ी ताकत है। वहीं विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सम्मेलन की अध्यक्षता भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने की। उन्होंने अपने स्वागत भाषण में केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए संगठन की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान विकसित भारत के संकल्प को साकार करने और विकास योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने पर भी चर्चा की गई।
