अंतरराष्ट्रीय संताल सरना धर्म महासम्मेलन में शामिल होना गर्व का क्षण : हेमंत सोरेन

Dayanand Roy
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बेरमो : बोकारो जिला के गोमिया प्रखंड स्थित ललपनिया में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय लुगू बुरु घांटाबाड़ी धोरोम गाढ़ राजकीय महोत्सव- 2025 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सपरिवार शामिल हुए।

यहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ पुनाय थान में पारंपरिक विधि-विधान से लुगू बुरु बाबा की पूजा- अर्चना कर राज्य की सुख- समृद्धि, खुशहाली एवं शांति की कामना की। मुख्यमंत्री ने यहां भगवान बिरसा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। 

इस मौके पर हेमंत ने कहा कि पावन स्थली लुगू बुरु घांटा बाड़ी धोरोम गाढ़ में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संताल सरना धर्म महासम्मेलन में शामिल होना अत्यंत गर्व और आस्था का क्षण है। देश-विदेश से यहां लाखों की संख्या में पहुंचे सभी लोगों को मैं बहुत-बहुत आभार करता हूं।

यह पावन स्थल संताल समाज की सांस्कृतिक विरासत, परंपरा और प्रकृति के प्रति गहरे जुड़ाव का प्रतीक है। यहां सभ्यता, संस्कृति और पर्यावरण के संरक्षण की परंपरा जीवंत है जो हमें प्रकृति के प्रति सम्मान, सामूहिकता, समानता और सतत जीवनशैली का संदेश देता है। लुगू बाबा और लुगू आयो सभी को स्वस्थ जीवन और खुशहाली प्रदान करें।गौरतलब है कि

 लुगू बुरू संतालियों का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। इसे संताल आदिवासियों का कुंभ भी कहा जाता है। मंगलवार सुबह से ही यहां आस्था और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है।

देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं की भीड़ लुगूबाबा के दर्शन के लिए उमड़ पड़ी है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार अब तक दो लाख से अधिक श्रद्धालु पहाड़ की चढ़ाई कर बाबा के दर्शन कर चुके हैं।

पुनाय थान परिसर में सुबह से लंबी कतारें लगी रहीं, जहां श्रद्धालु पारंपरिक गीतों और नृत्यों के माध्यम से अपनी भक्ति व्यक्त कर रहे हैं। महोत्सव के दौरान टेंट सिटी परिसर में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसमें उनके जीवन, संघर्ष और झारखंड आंदोलन के ऐतिहासिक क्षणों को दर्शाया गया है। युवा वर्ग इससे प्रेरणा ले रहा है।

इसके साथ ही दिशोम गुरु की स्मृति में निःशुल्क खिचड़ी सेवा भी जारी है, जिसका संचालन जिला प्रशासन बोकारो और सोना सोबरन मेमोरियल सोसाइटी द्वारा किया जा रहा है। श्रद्धालु लुगूबाबा के दर्शन के बाद प्रसादस्वरूप खिचड़ी ग्रहण कर रहे हैं।

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