रांची : बाबा कार्तिक उरांव रात्रि पाठशाला के शिक्षकों के लिए रविवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम को लेकर डॉ अरुण उरांव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से शिक्षकों को बच्चों को बेहतर पढ़ाने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को डीएसपीएमयू के अंग्रेजी के प्रोफेसर डॉ विनय भारत, झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रशिक्षक मनीषा धवन, उड़ान IAS अकादमी के निदेशक अरुण अग्रवाल, केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड , मानवशास्त्र विभाग के प्रधान रवीन्द्रनाथ सरमा एवं रात्रि पाठशाला के संयोजक अनिल उरांव ने संबोधित किया।
कार्यक्रम में प्रो विनय भारत ने ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में अंग्रेजी भाषा के डर को दूर करने के लिए स्थानीय भाषा की मदद से रुचिकर तरीके सिखलाए। उन्होंने इसके लिए अपने अनुभवों का उदाहरण भी दिया।
वहीं, मनीषा धवन ने सामूहिक खेल गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान जैसे जटिल विषय के प्रति छात्रों में रुचि पैदा करने के विभिन्न तरीके सिखलाए।
इसी तरह अरुण अग्रवाल ने पब्लिक स्पीकिंग के गुर कम उम्र से ही सीखने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि विशेषकर कमजोर बैकग्राउंड से आनेवाले बच्चों के कॉन्फिडेंस को हर तरह से बढ़ाना एक अच्छे शिक्षक का गुण होना चाहिए। सरमा जी ने स्थानीय भाषा, कला एवं संस्कृति का भरपूर इस्तेमाल इन बच्चों को शिक्षा प्रदान करने में किए जाने का सुझाव दिया ।
संयोजक अनिल ने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ अपेक्षित सामाजिक बदलाव के लिए नशा जैसे कुरीतियों को दूर करने के प्रयास के साथ पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी काम करने पर जोर दिया। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं द्वारा आयोजित किए जा रहे कानून की पाठशाला को हर गांव तक पहुंचाने का आह्वान भी किया ।
रात्रि पाठशाला रांची और गुमला जिले के शिक्षकों के साथ CUJ के छात्रों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

