
पीएम का सबका साथ सबका विकास का नारा सिर्फ ढोंग

रांची : राजद के प्रदेश महासचिव सह मीडिया प्रभारी कैलाश यादव ने गुरूवार को कहा है कि देश के आजादी के 75 वर्ष बाद भी मनुवादी सोच कायम है। यही नहीं जातीय भेदभाव और सामंती समाज की जड़ें जीवित हैं।

गौरतलब है कि बीते दिनों उत्तरप्रदेश के इटावा में भागवत कथावाचक मुकुट सिंह और संत सिंह यादव के साथ अत्यंत ही निंदनीय व्यवहार किया गया। उन दोनों की जाति पूछकर बेरहमी से मारा गया। उनके बाल मुड़वाये गये।
श्री यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण कण-कण में है और भगवत कथा उनका प्रिय गीता उपदेश है। उन्होंने कहा कि देश 75 वर्ष की आजादी पर अमृतकाल मना रहा है और दूसरी ओर जातीय अत्याचार चरम पर है।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक तरफ सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास की बात कर डिजिटल भारत युवा भारत विकसित भारत का दावा करते हैं वहीं दूसरी ओर भाजपा शासित प्रदेशों में यादव दलित पिछड़े आदिवासी समाज पर सामंती अत्याचार कायम है।
ज्ञातव्य है कि विगत वर्ष मध्यप्रदेश में एक ब्राह्मण व्यक्ति/भाजपाई नेता ने एक गरीब असहाय आदिवासी समाज के व्यक्ति के मुंह में पेशाब कर दिया था। विगत दिनों उड़ीसा में दो दलित लड़कों को जमीन में घसीटकर पशु की तरह चलवाया गया था। ऐसी स्थिति चिंताजनक है। अगर शासन-प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई तो देश पुनः मानसिक गुलामी की स्थिति में आ जायेगा।
श्री यादव ने कहा कि देश दुनिया में इटावा में कथावाचक पर घटित जातिगत अत्याचार की घटना पर थू-थू हो रही है। पिछड़ों का रक्षक होने की बात करने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृहमंत्री अमित शाह लोकसभा में प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, मंत्री अन्नपूर्णा देवी झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी, आजसू प्रमुख सुदेश महतो जैसे नेताओं की जुबान पर ताला लगा हुआ है। ये सभी लोग सामाजिक न्याय के नाम पर हो रहे अत्याचार पर चुप्पी साध कर देश को क्या संदेश दे रहे हैं।


