जेटेट में भाषाई अस्मिता साथ के अन्याय अनुचित,सीएम हेमंत पुनर्विचार करें : कैलाश यादव

Dayanand Roy
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रांची : प्रदेश राजद महासचिव सह मीडिया प्रभारी कैलाश यादव ने हेमंत सरकार को सुझाव दिया कि पलामू और गढ़वा में भोजपुरी मगही हिंदी स्थानीय लिपि अथवा भाषाई अस्मिता के साथ छेड़छाड़ करना बिल्कुल अनुचित है।

उन्होंने कहा कि एकीकृत बिहार के समय से पलामू गढ़वा में बहुसंख्य आबादी वाले लोग भोजपुरी और मगही भाषा बोलते है। वहां की संस्कृति बिहार से मिलती है।

गौरतलब है कि पलामू  और गढ़वा बिहार से सटा हुआ स्थान है और वहां 100 फीसदी लोग भोजपुरी और मगही भाषा का उपयोग करते हैं। इसलिए हेमंत सरकार को जेटेट परीक्षा में जनजातीय भाषा को अनिवार्य करने को लेकर पुनर्विचार करने की जरूरत है।

यादव ने कहा कि राजद जनजातीय भाषा का समर्थक है। उन लोगों के लिए स्कूल-कॉलेज में पढ़ाई और शिक्षकों की बहाली हो तथा अकादमिक काउंसिल का गठन किया जाए। लेकिन राज्य में स्थानीय स्तर पर क्षेत्रीय भाषा को नजरअंदाज करना सही नहीं है।

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