
रांची, 6 फरवरी: झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने गुरुवार को रांची विश्वविद्यालय में आयोजित खेल एवं सांस्कृतिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के नौजवानों से अपनी संस्कृति को संजोए रखने और अपने रचनात्मक प्रयासों से सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया। राज्य में पहली बार आयोजित हुए अपनी तरह के इस पहले दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने 120 प्रतिभागियों के बीच उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए मेडल प्रदान किए। इनमें से 11 प्रतिभागियों को गोल्ड, 82 को सिल्वर तथा 63 को ब्रांज मेडल के साथ सम्मान से नवाजा गया।
राज्यपाल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा है कि झारखंड अपनी अद्वितीय सांस्कृतिक विविधता और खेल प्रतिभाओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां की धरती ने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को जन्म दिया है, जिन्होंने देश का मान बढ़ाया है। रांची विश्वविद्यालय पहला विश्वविद्यालय है जिसने खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के दीक्षांत समारोह का शुभारंभ किया है। यह एक स्वागतयोग्य कदम है।


उन्होंने कहा किखेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियाँ शिक्षा का अभिन्न अंग हैं। ये विद्यार्थियों में अनुशासन, आपसी सहयोग, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करने का कार्य करती हैं। इस प्रकार के आयोजन इन मूल्यों को प्रोत्साहन मिलेगा।
राज्यपाल ने कहा कि झारखथंड के युवा तीरंदाजी, हॉकी, फुटबॉल, वुशु और एथलेटिक्स जैसे खेलों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके हैं। इसी प्रकार, संगीत, नृत्य, नाटक और लोककला में भी यहां की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी छाप छोड़ रही हैं। आज इस दीक्षांत समारोह में वे विद्यार्थी सम्मानित हो रहे हैं, जिन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से न केवल विश्वविद्यालय का, बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन किया है।
महिला हॉकी में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली सलीमा टेटे, निक्की प्रधान और संगीता कुमारी का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ये बेटियां देश का गौरव हैं। उन्होंने कहा कि खेलों के समानांतर सांस्कृतिक गतिविधियां भी हमें इतिहास और संस्कृति से जोड़ती हैं। रांची विश्वविद्यालय इस दिशा में भी कटिबद्ध है।
समारोह में ओलिंपियन मनोहर टोपनो विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। रांची विश्वविद्यालय के कुलपति अजीत कुमार सिन्हा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए खेलकूद एवं सांस्कृतिक विकास में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और गतिविधियों का ब्योरा पेश किया।



