60 वर्ष की आयु के बाद महिलाओं को जोड़ों में जकड़न, मांसपेशियों की कमजोरी और संतुलन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में योग एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प साबित हो सकता है। नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि मानसिक शांति, बेहतर संतुलन और शारीरिक ताकत बनाए रखने में भी मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ विशेष योगासन वरिष्ठ महिलाओं के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं।
उत्तानासन से मिलेगी लचीलापन और राहत
उत्तानासन शरीर के तनाव को कम करने और हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मददगार माना जाता है। इसे करने के लिए सीधे खड़े होकर पैरों को कूल्हों की चौड़ाई जितना खोलें। गहरी सांस लेते हुए धीरे-धीरे आगे झुकें और सिर को पैरों की ओर ले जाने का प्रयास करें। यदि फर्श तक हाथ नहीं पहुंचते हैं, तो योग ब्लॉक का सहारा लिया जा सकता है। यह आसन शरीर के पिछले हिस्से को स्ट्रेच करता है और लचीलापन बढ़ाता है।
अधोमुख श्वानासन और पाश्र्व बालासन के फायदे
अधोमुख श्वानासन कंधों, पिंडलियों, हैमस्ट्रिंग और रीढ़ की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। इसमें शरीर उल्टे ‘V’ आकार में आता है, जिससे पूरे शरीर को स्ट्रेच मिलता है। वहीं पाश्र्व बालासन संतुलन और रीढ़ की सेहत के लिए लाभदायक है। यह आसन कोर मांसपेशियों को सक्रिय करता है और शरीर की स्थिरता बढ़ाने में मदद करता है। इन योगासनों का नियमित अभ्यास वरिष्ठ महिलाओं को सक्रिय और स्वस्थ जीवन जीने में सहायक हो सकता है।
