एनडीए में सीट शेयरिंग फार्मूला तय, जदयू और भाजपा इस बार बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगे

Dayanand Roy
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लोजपा-रा को 19, हम को 10 और रालोमो को 8 सीटें!

महेश सिन्हा

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर  एनडीए  के घटक दलों के बीच  सीटों के बंटवारे का फार्मूला लगभग तय हो गया है। भाजपा और जदयू इस बार बराबर-बराबर सीटों पर लड़ेंगे। सूत्रों के अनुसार दोनों के बीच  103-103 सीटों पर लड़ने की सहमति बनी है। 2020 में हुये पिछले विधान सभा चुनाव में जदयू 115 और भाजपा 110 सीटों पर लड़ी थी।

उस चुनाव  में वीआईपी 11 और  हम  7 सीटों पर लड़ी थी।वीआईपी इस  बार  एनडीए में नहीं है। वह अभी महागठबंधन का हिस्सा है। पिछले चुनाव मे एनडीए में चार ही दल थे-भाजपा,जदयू,वीआईपी और हम। लोजपा उस  चुनाव  में अकेले लड़ी थी।

लेकिन इस बार  लोजपा-रा के साथ आने से एनडीए  में पांच दल हो गये। भाजपा,जदयू,लोजपा-रा,हम और रालोमो। सूत्रों की माने तो लोजपा-रा को 19,हम को 10 और  रालोमो को 8 सीटें देने की बात  है।हालांकि, इस पर अंतिम  मुहर सभी घटक दलों के शीर्ष नेताओं की बैठक  में लगेगी। सीटों के बंटवारे के बाद विधान सभा क्षेत्र के बारे में फैसला होगा। इस  दौरान  कुछ सीटों की अदला-बदली भी हो सकती है।

इस बीच सीटों के तालमेल की घोषणा होने के पहले ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बक्सर की राजपुर (सुरक्षित) सीट से एनडीए उम्मीदवार का नाम घोषित कर सबको चौंका दिया है। एक जनसभा में उन्होंने पूर्व मंत्री संतोष कुमार निराला को पार्टी का उम्मीदवार बताते हुए जनता से उनके पक्ष में वोट करने की अपील की। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब एनडीए के भीतर सीटों का बंटवारा

अभी तक फाइनल नहीं हुआ है। सबसे खास बात यह है कि मुख्यमंत्री के इस ऐलान के वक्त भाजपा कोटे के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मंच पर मौजूद थे। बता दें कि चुनाव को लेकर सभी दलों ने अपनी अपनी मांगों को सामने रखा है। लोजपा(आर) ने 50 सीटों की मांग की है। पार्टी का कहना है कि 2015 में उसने 43 और 2020 में 135 सीटों पर चुनाव लड़ा था, इसलिए इस बार 43 से 135 सीटों के बीच हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।

वहीं हम पार्टी के प्रमुख जीतनराम मांझी ने कहा कि पिछली बार 7 सीटों पर लड़े थे, अब पार्टी मजबूत हुई है, इसलिए 20–22 सीटें चाहिए। वहीं, रालोमो ने भी कम से कम 10 सीटों की दावेदारी जताई है। सूत्रों के मुताबिक, जिन विधायकों ने पिछली बार कम अंतर से जीत हासिल की थी, उनकी सीटें बदली जा सकती हैं। इसके लिए क्षेत्रीय सर्वे कराया जाएगा और जनता की राय के आधार पर फैसला लिया जाएगा।

एनडीए ने स्पष्ट किया है कि चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। गठबंधन के कार्यक्रमों में लगातार नारा दिया जा रहा है, “2025 फिर से नीतीश”। बता दें कि 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा 110 सीटों पर लड़ी थी, जिसमें 74 जीती थी।

लेकिन बाद में हुए दलबदल के बाद अभी 80 विधायक हैं। वहीं, जदयू 115 सीटों पर लड़ी थी, जिसमें 43 जीती थी। लेकिन दलबदल के बाद अभी उसके पास 45 विधायक हैं। जबकि हम पार्टी 7 सीटों पर लड़ी, जिसमें चार सीट पर जीत मिली थी। वहीं, लोजपा(रा) अकेले चुनाव लड़ी थी, जिसमें एक सीट पर जीत मिली थी। उस दौरान वीआईपी एनडीए का हिस्सा थी, बाद में उसके 3 विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे।

लेखक न्यूजवाणी के बिहार के संपादक हैं।

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