महेश कुमार सिन्हा
पटना : उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को शुभ मुहूर्त में गृह विभाग का कार्य भार संभाल लिया। गृह मंत्री का कुर्सी संभालने के पूर्व सम्राट चौधरी ने सबसे पहले पूजा-पाठ की।
फिर मुंगेर में करीब 45 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। इस दौरान कई जगह उनके ऊपर बुलडोजर से फूल बरसाए गए। रोड शो के दौरान सम्राट चौधरी सम्राट चौधरी यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के अंदाज में दिखे।
दरअसल, भाजपा के हार्डलाइनर नेता सम्राट चौधरी को गृह मंत्री की जिम्मेदारी देना भाजपा और जदयू के बीच सिर्फ विभागों का अदला-बदली नहीं है। भाजपा ने इसके जरिए बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। यह राज्य में शक्ति के हस्तांतरण की ओर भी इशारा कर रहा है। भाजपा के अंदर लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि राज्य में कानून-व्यवस्था की जवाबदेही पार्टी के पास हो।
ताकि बिहार में भी उत्तर प्रदेश की तर्ज पर एक रोल मॉडल लागू किया जा सके। इसको लेकर पटना के प्रमुख मार्गों पर कई बार योगी आदित्यनाथ के पोस्टर भी लगाये गए थे। आखिरकार भाजपा को इसमें सफलता मिल गई। हालांकि ऐसी बात नही है कि मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे के पहले इतना महत्वपूर्ण निर्णय लिए गया। इसकी स्क्रिप्ट चुनाव से पहले ही लिखी जा चुकी थी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई दो मुलाकात के बाद ही इस पर अंतिम मुहर लगी थी। बिहार में अब कानून-व्यवस्था ही मुख्य चुनावी मुद्दा बनेगा। इस बार के चुनाव परिणाम से यह साफ हो गया है कि बिहार की सियासत में भगवाकरण की शुरुआत हो चुकी है।
चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कह चुके हैं कि यह उनकी अंतिम पारी होगी। वैसे भी भाजपा के पास फिलहाल नीतीश कुमार के कद का कोई नेता नही है। भाजपा अब सम्राट को योगी की तरह ब्रांड बनाएगी और आगे उन्हे मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट करेगी।
