प्रधानमंत्री जन-धन योजना ने लोगों को अपना भाग्य खुद लिखने की शक्ति दी: मोदी

Dayanand Roy
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नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री जन-धन योजना के 11 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस योजना ने लोगों को अपना भाग्य खुद लिखने की शक्ति दी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब अंतिम पर खड़ा व्यक्ति वित्तीय रूप से जुड़ जाता है तो पूरा देश एक साथ आगे बढ़ता है।

वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री जन-धन योजना आज ही के दिन शुरू की गई थी। यह एक राष्ट्रीय मिशन है जिसमें देश के सभी परिवारों के व्यापक वित्तीय समावेशन के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण शामिल है। इस योजना में प्रत्येक परिवार के लिए कम से कम एक बुनियादी बैंकिंग खाता, वित्तीय साक्षरता, ऋण, बीमा और पेंशन सुविधा तक पहुंच के साथ बैंकिंग सुविधाओं तक सार्वभौमिक पहुंच की परिकल्पना की गई है।

मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जब अंतिम व्यक्ति वित्तीय रूप से जुड़ा होता है, तो पूरा देश एक साथ आगे बढ़ता है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना से यही हासिल हुआ। इसने सम्मान बढ़ाया और लोगों को अपना भाग्य खुद लिखने की शक्ति दी।’’

प्रधानमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में ‘माइगोव’ द्वारा किया गया एक पोस्ट साझा किया जिसमें बताया गया कि कैसे प्रधानमंत्री जन-धन योजना ने पूरे भारत में जीवन बदल दिया।

इस पोस्ट में कहा गया, ‘‘गणित के सूत्र नहीं, बल्कि भारत के विकास के सूत्र। भारत की वित्तीय क्रांति एक विचार से प्रेरित है: नवाचार के माध्यम से समावेशन। अंतिम छोर तक बैंकिंग से लेकर महिला-नेतृत्व वाले सशक्तीकरण तक, पारदर्शी डीबीटी हस्तांतरण से लेकर शासन में विश्वास तक, प्रधानमंत्री जन-धन योजना ने भारत में बैंकिंग, बचत और विकास के तरीके को बदल दिया है।’’

‘माइगोव’ के एक अन्य पोस्ट में कहा गया, ‘‘11 साल पहले, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत से वादा किया था कि कोई भी गरीब परिवार बैंकिंग की दुनिया से बाहर नहीं रहेगा। जन-धन कभी भी केवल खातों के बारे में नहीं था, यह एक माँ के लिए सम्मान के साथ बचत करने, एक किसान को बिचौलियों के बिना सहायता प्राप्त करने और एक ग्रामीण को राष्ट्र के विकास का हिस्सा महसूस करने के लिए दरवाजे खोलने के बारे में था।’’

इसमें कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण ने वित्तीय समावेशन को वास्तविकता में बदल दिया, जिससे हर घर में आशा और हर जीवन में आत्मविश्वास आया।’’

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