
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार ने वर्ष-2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर जीविका परियोजना की शुरुआत की थी। इस परियोजना से राज्य की लगभग 1 करोड़ 40 लाख जीविका दीदियां स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।अब सरकार ने इस संबंध में दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

जीविका परियोजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को 3 लाख रुपये से ज्यादा के बैंक ऋण पर अब सिर्फ 7 प्रतिशत ब्याज देना होगा। स्वयं सहायता समूहों को पहले 3 लाख रुपये से ज्यादा के बैंक ऋण पर 10 प्रतिशत ब्याज देना पड़ता था। अब ब्याज दर घटने के बाद बैंकों को ब्याज के रूप में दी जाने वाली अतिरिक्त राशि सरकार की ओर से दी जाएगी। इससे जीविका दीदियों की आमदनी बढ़ेगी तथा उनके जीवन स्तर में और सुधार होगा।

दूसरा, स्वयं सहायता समूहों से जुड़े विभिन्न प्रकार के प्रशासनिक, प्रशिक्षण एवं अन्य कार्यों के लिए 1 लाख 40 हजार कर्मी कार्यरत हैं और महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अच्छा काम कर रहे हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने जीविका से जुड़े सभी कर्मियों के मानदेय में दोगुने की वृद्धि का फैसला लिया है। इन कर्मचारियों के मानदेय वृद्धि की अतिरिक्त राशि राज्य सरकार वहन करेगी। इससे कार्यरत कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा तथा जीविका संगठन का कार्य और बेहतर ढंग से होगा।


