सरदार पटेल की जयंती पर गुजरात में हर साल राष्ट्रीय एकता परेड का आयोजन किया जायेगा : अमित शाह

Dayanand Roy
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महेश कुमार सिन्हा

राष्ट्रीय एकता दिवस पर सभी राज्यों में “एकता दौड़” का आयोजन होगा

पटना :  सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर 31 अक्टूबर को  अब हर साल गुजरात के एकता नगर में गणतंत्र दिवस जैसी भव्य परेड आयोजित की जाएगी। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकरी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर गुजरात के एकता नगर में आयोजित भव्य राष्ट्रीय एकता परेड की सलामी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लेंगे।

अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल की आजादी के पहले स्वतंत्रता आंदोलन में और आजादी के बाद भारत को एक सूत्र में बांधने में बड़ी भूमिका थी। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद सरदार पटेल को भुला देने में कांग्रेस ने कोई कसर नहीं छोड़ी।

कांग्रेस के कारण ही सरदार पटेल को भारत रत्न देने में आजादी के बाद 41 साल लग गए। अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल की जयंती के मौके पर केवल गुजरात ही नहीं, बल्कि पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी राज्यों, जिलों, विश्वविद्यालयों और विद्यालयों में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के अवसर पर एकता दौड़ का आयोजन होगा।

उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने भारत की 562 रियासतों को जोड़कर एकता का जो काम किया, वही आज “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की नींव है। अमित शाह ने कहा कि यह परेड देश की भौगोलिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक एकता का प्रतीक बनेगी। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हर नागरिक इस दिन अपने भीतर सरदार पटेल की भावना को महसूस करे।

केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचारधारा हैं। गांधी जी के साथ रहकर आजादी की लड़ाई लड़े। सरदार पटेल के निधन के बाद उनको भुलाने की कांग्रेस ने कोशिश की। भारत रत्न देने में देरी हुई। सरदार पटेल की ना कोई समाधि बनीं और ना ही कोई स्मारक बना। अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी जब गुजरात के सीएम बने तो भव्य स्मारक बनाया गया।

केंद्रीय गृह मंत्री ने घोषणा की कि एक से 15 नवंबर तक ‘भारत पर्व’ के दौरान अलग-अलग राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम और विविध खाद्य महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह उत्सव 15 नवंबर को बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रमों के साथ संपन्न होगा, जिसमें देशभर की जनजाति की सांस्कृतिक विविधताएं, खाद्य परंपराएं, पोशाक की परंपराएं, शिल्पकला, लोक कला और संगीत का अद्भुत समन्वय बनाया जाएगा। इस दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय भी मौजूद रहे। राय ने कहा कि बिहार हमेशा से राष्ट्रीय एकता और भाईचारे का केंद्र रहा है, इसलिए इस परंपरा की शुरुआत की घोषणा पटना से होना अपने आप में ऐतिहासिक है।

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