
रांची : झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) ने झारखंड राज्य विस्थापन और पुनर्वास आयोग की नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी मिलने को अपनी पहली जीत बताया है।

मोर्चा के देवेन्द्र नाथ महतो ने इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, डुमरी विधायक जयराम महतो तथा मंत्री दीपक बिरुवा के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि झारखंड राज्य गठन के 25 साल बाद झारखंड के विस्थापितों का दर्द सुनने और न्याय को लेकर मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में झारखंड राज्य विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग के गठन के लिए कार्य नियमावली को स्वीकृति दी गई।

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा इस मांग को लेकर बीते कई वर्षों से निरंतर आंदोलनरत है। जेएलकेएम सुप्रीमो सह डुमरी विधायक जयराम महतो ने बीते मॉनसून सत्र के दौरान गैर – सरकारी संकल्प में विस्थापन आयोग के गठन को लेकर जोरदार बहस की थी।
झारखंड राज्य में सीसीएल, बीसीसीएल, एचईसी, एनटीपीसी, टाटा, बिड़ला, पंचेत डैम, चांडिल डैम, कांके डैम, इत्यादि कंपनी और डैम से धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, रांची, जमशेदपुर, सिंहभूम क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं। आयोग के गठन से इन क्षेत्रों के लोगों में खुशी की लहर है।


