
रांची : घाटशिला उपचुनाव में महागठबंधन उम्मीदवार सोमेश सोरेन ने जीत दर्ज कर ली है। शुक्रवार को 20 राउंड में हुई मतगणना के आधार पर उन्होंने एनडीए कैंडिडेट और पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन को 38524 हजार से भी अधिक वोटों से परास्त कर दिया।

साथ ही, इस सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की। इससे पहले 2019, 2024 और इस उपचुनाव में उसने जीत हासिल की है। वैसे 2009 में भी रामदास सोरेन ने झामुमो को जीत दिलाई थी।

रामदास के निधन पर उपचुनाव
घाटशिला उपचुनाव अचानक नहीं हुआ। झामुमो के कद्दावर नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के कारण यह सीट खाली हुई थी। रामदास सोरेन घाटशिला की राजनीति का बड़ा चेहरा थे। 2009 के बाद 2019 और 2024 में भी उन्होंने इस विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी और लगातार अपने आदिवासी जनाधार के दम पर क्षेत्र की राजनीति में प्रभाव बनाए रखा था। लेकिन उनके निधन के बाद उपचुनाव की परिस्थितियां बनीं। झामुमो के शीर्ष नेता और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमेश को उपचुनाव में कैंडिडेट बनाया।
शुरुआत से रही बढ़त
घाटशिला विधानसभा के उपचुनाव में उम्मीदों के मुताबिक महागठबंधन प्रत्याशी सोमेश सोरेन ने शुरुआत से बढ़त बनाये रखी। कुल 13 प्रत्याशी मैदान में थे। भाजपा कैंडिडेट बाबूलाल लगातार दूसरे स्थान पर ही बने रहे। 20 राउंड में इसकी मतगणना हुई थी।
पहले राउंड की गिनती में सोमेश चंद्र सोरेन को 5450 वोट मिले थे, जबकि बाबूलाल को 2204। इस राउंड में तो जेकेएलएम के कैंडिडेट रामदास मुर्मू 3286 वोट के साथ दूसरे स्थान पर दिखे थे। दूसरे राउंड में सोमेश 10919 वोट के साथ आगे थे जबकि बाबूलाल 5465 के साथ दूसरे और रामदास 4972 के साथ तीसरे स्थान पर रहे। तीसरे राउंड में सोमेश 16110 के साथ पहले, 8569 के साथ बाबूलाल दूसरे और 5278 के साथ रामदास तीसरे पर दिखे। चौथा राउंड आते मुकाबले में सोमेश 20026 और बाबूलाल 12612 के साथ क्रमशः पहले दूसरे स्थान पर आ गये जबकि रामदास 5481 वोटों के साथ रेस में पिछड़ते गये।
यही स्थिति आगे बनी रही। नौवें राउंड तक सोमेश 46150 वोटों के साथ आगे चल रहे थे, जबकि बाबूलाल 30458 वोटों के साथ दूसरे पायदान पर दिखे। 11 राउंड के बाद सोमेश और बाबूलाल के बीच 20 हजार वोटों से अधिक का अंतराल होता चला गया। 14वें राउंड के बाद तो अंतर 27 हजार से अधिक हो गया। आखिरकार 20वें राउंड की समाप्ति पर सोमेश ने 38,524 वोटों से जीत हासिल की। इस तरह सोमेश ने अपने पिता रामदास से भी अधिक (22,446 वोट) वोटों के अंतर से बाबूलाल को पछाड़ दिया।
13 प्रत्याशियों ने आजमायी थी किस्मत
कुल 20 राउंड में घाटशिला उपचुनाव के लिए मतगणना हुई। इसमें सबसे आखिरी राउंड के बाद झामुमो ने 38 हजार से अधिक अंतर से जीत हासिल की। सोमेश को कुल 104794 वोट मिले।भाजपा के बाबूलाल सोरेन दूसरा स्थान पर रहे जिन्हें 66270 वोट मिले। इसके अलावा पंचानन सोरेन, भारत आदिवासी पार्टी (BAP) – 1047, पार्वती हांसदा, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया(डेमोक्रेटिक) – 386, रामदास मुर्मू, जेएलकेएम- 11542, नारायण सिंह, निर्दलीय प्रत्याशी- 197, परमेश्वर टुडू, निर्दलीय- 152, बसंत कुमार तोपनो, निर्दलीय- 129, मनसा राम हांसदा, निर्दलीय प्रत्याशी- 903, मनोज कुमार सिंह, निर्दलीय- 369, रामकृष्ण कांति माहली, निर्दलीय- 340, विकास हेम्ब्रम, निर्दलीय- 917 और डॉ. श्रीलाल किस्कू, निर्दलीय- 1503 भी चुनावी रेस में थे। 13 कैंडिडेट्स में NOTA को भी 2765 वोट मिले। मतलब नोटा चौथे स्थान पर रहा।


