Home Latest Updates झारखंड में शिक्षा मंत्री पर ग्रहण, संयोग या अपशकुन

झारखंड में शिक्षा मंत्री पर ग्रहण, संयोग या अपशकुन

by Dayanand Roy

सुनील सिंह

रांची : इसे महज संयोग कहें, अपशगुन या कुछ और। झारखंड में शिक्षा मंत्रालय संभालने वाले मंत्रियों के साथ अजीब अनहोनी हो रही है। वह भी झारखंड मुक्ति मोर्चा से मंत्री बनने वाले विधायकों के साथ।

पहले शिक्षा मंत्री रहे जगरनाथ महतो बिना अपना कार्यकाल पूरा किए दुनिया से विदा हो गए। कोरोना से पीड़ित होने के बाद लंबे समय तक बीमार रहे। सरकार की ओर से उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की गई, लेकिन वह नहीं बचे। महतो झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक बड़े नेता थे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जब दूसरी बार झारखंड की सत्ता में शानदार बहुमत के साथ वापसी की तो शिक्षा मंत्रालय की बागडोर घाटशिला विधायक रामदास सोरेन को दी। लेकिन शिक्षा मंत्रालय रामदास सोरेन के लिए भी अशुभ साबित हुआ।

वह ब्रेन स्ट्रोक के कारण घर के बाथरूम में गिरे और गंभीर स्थिति में चले गए। पिछले कई दिनों से दिल्ली के अपोलो अस्पताल में वह जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं। स्थिति नाजुक है। फिलहाल कुछ कहने की स्थिति में डॉक्टर नहीं हैं।

पिछली सरकार के अंतिम चार-पांच महीने में हेमंत सोरेन ने लातेहार विधायक बैजनाथ राम को शिक्षा मंत्री बनाया। बैजनाथ राम मंत्री बन गए। उनकी इच्छा तो पूरी हो गई लेकिन चुनाव हार गए। इसलिए उनके लिए भी शिक्षा मंत्री बनना अशुभ साबित हुआ।

अब इसे संयोग या अपशगुन कहिए कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के कोटे से शिक्षा मंत्री बनने वालों की किस्मत साथ नहीं दे रही है। जगरनाथ महतो और रामदास सोरेन के बाद अब शिक्षा मंत्रालय लेने में मंत्री डरेंगे।

झारखंड में उत्पाद मंत्रालय संभालने वाले मंत्री दोबारा जीत कर नहीं आए हैं । अब है यह ग्रहण शिक्षा मंत्रालय पर भी लग गया है। अब आगे क्या होता है यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

Related Articles

Leave a Comment