झारखंड पर कब्जा करने के लिए भाजपा ने मुझे झूठे आरोप में जेल भिजवाया था : हेमंत सोरेन

Dayanand Roy
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रांची : झारखंड पर कब्जा करने के लिए भाजपा ने मुझे झूठे आरोप में जेल भिजवाया था। पर यह आप लोगों का आशीर्वाद था कि झूठे आरोपों में हमें अधिक देर वे रख नहीं पाए। शनिवार को ये बातें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहीं। वे घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के ताम्र प्रतिभा सम्मान मैदान में झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन के समर्थन में आयोजित जनसभा में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि अलग राज्य की लड़ाई, झारखंड आंदोलन, देश का ऐतिहासिक आंदोलन रहा है। यह राज्य हमें कोई भीख में नहीं मिला, इसे लड़कर लिया गया। हेमंत ने कहा कि आपको याद होगा आंदोलन के समय “कैसे लेंगे झारखंड, लड़ के लेंगे झारखंड” का नारा गूंजता था। आंदोलन में न जाने कितनी महिलाओं की मांग का सिंदूर उजड़ गया, न जाने कितने बच्चे अनाथ हो गए, न जाने कितने लोग अपने आप को कुर्बान कर दिए, तब हमें यह राज्य मिला।

झारखंड एक ऐसा प्रदेश है जहां आजादी की लड़ाई से पहले से यहां के आदिवासी-मूलवासी अपने हक अधिकार की लड़ाई लड़ता रहा है। भगवान बिरसा मुंडा, बाबा तिलका मांझी, वीर सिदो-कान्हो, फूलो-झानो, निर्मल महतो, दिशोम गुरु, विनोद बिहारी महतो जैसे कई लोग थे जिनके बदौलत हमें जल, जंगल, जमीन का अधिकार और यह राज्य मिला।

लेकिन 2000 के बाद यहां की बागडोर ऐसे लोगों के हाथ चला गया जो आजादी के समय से आज तक लोगों का शोषण करता रहा है। इन लोगों ने यहां राज कर यहां की हालत ऐसा कर दिया कि लोगों को हाथ में राशन कार्ड लेकर मरने को मजबूर कर दिया।

ऐसी स्थिति में गुरुजी ने यह निर्णय लिया कि भाजपा को यहां से उखाड़ फेंकना पड़ेगा, नहीं तो जो कुर्बानी और बलिदान हुआ वो सब व्यर्थ हो जाएगा। फिर भाजपा को सत्ता से बेदखल करने का हम लोगों ने आंदोलन शुरू किया।बीते 6-7 वर्षों से यहां आपकी सरकार है। आज सभी को हक-अधिकार दिया जा रहा है। आज आपके घर-द्वार सरकार आप तक योजनाओं को लेकर आयी है।

यह शुरुआत है अब आपको ब्लॉक-जिला नहीं जाना होगा बल्कि अधिकारी आपके पास आएंगे। अलग-अलग क्षेत्रों की अलग-अलग समस्या होती है। आज लोग सरकार को विश्वास के साथ देखते हैं। घाटशिला में भी कुछ टूटी सड़कों की समस्या मुझे पता चली है, आप चिंता न करें, सभी सड़कों को ठीक किया जाएगा।

हेमंत ने कहा कि  न जाने क्या मंजूर था ऊपर वाले को कि दिशोम गुरु के निधन के कुछ दिनों बाद ही रामदास सोरेन का भी निधन हो गया। उनके बेटे सोमेश सोरेन को हमने यहां से प्रत्याशी बनाया है।

हमारा मानना है कि जो जैसा बीज बोता है वैसा ही फल मिलता है। इसलिए हम सभी के लिए यह जरूरी है कि ऐसे लोगों का चयन हो जो आमजन को मंजिल तक पहुंचाए और उन्हें सुरक्षा भी प्रदान करे। इसलिए आप सोमेश सोरेन को भारी मतों से विजयी बनाएं ताकि वे अपने पिता के अधूरे सपनों को पूरा कर सकें।

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