
भाजपा ने लिया बहिष्कार का निर्णय


रांची : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार की ओर से आहूत टीएसी बैठक में भाजपा के सदस्यों के नहीं जाने की घोषणा की है। बाबूलाल ने कहा कि हेमंत सरकार आदिवासी विरोधी सरकार है।
पिछले पांच वर्षों से झारखंड में लगातार आदिवासी समाज पीड़ित हो रहा है। इसलिए भाजपा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में होने वाली ट्राइबल एडवाइजरी कौंसिल (टीएसी) की बैठक का भारतीय जनता पार्टी बहिष्कार करती है।
उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े 5 सालों के दौरान झारखंड में आदिवासी समाज के उपर लगातार अत्याचार हो रहे हैं। बांग्लादेशी घुसपैठिए आदिवासियों के हक़ अधिकार का अतिक्रमण कर रहे हैं, खनन माफिया जल-जंगल-जमीन का दोहन कर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने कभी इसका संज्ञान नहीं लिया।
हालात तो इतने बदतर हो चुके हैं कि आदिवासी महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने वाले को मुख्यमंत्री की ओर से मुआवजा दिया जा रहा है।जब सरकार ही आदिवासियों के उत्पीड़न को प्रोत्साहित और पुरस्कृत कर रही है, तो ऐसी स्थिति में टीएसी की बैठक में शामिल होने का कोई औचित्य नहीं।
उन्होंने कहा कि भाजपा, आदिवासी समाज के अस्मिता और उनके अस्तित्व की रक्षा के लिए संकल्पित है। सड़क से लेकर सदन तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।


