Smart Meter Project : झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने स्मार्ट मीटर और ऊर्जा लेखांकन (एनर्जी अकाउंटिंग) परियोजनाओं में कथित अनियमितता एवं लापरवाही के आरोप में दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निगम मुख्यालय द्वारा 23 जून को जारी आदेश के तहत यह कार्रवाई की गई।
JBVNL के अनुसार, केंद्र एवं राज्य सरकार की सहायता से विश्व बैंक और आरडीएसएस के तहत चल रही योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं होने और कार्य निष्पादन में शिथिलता की शिकायतें मिली थीं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य 33/11 केवी फीडर, डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर तथा उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटरिंग, बिलिंग और ऊर्जा लेखांकन प्रणाली को मजबूत बनाना है।
निगम को आर्थिक नुकसान की आशंका
निगम प्रबंधन का कहना है कि संबंधित कार्यों में लापरवाही से बिजली वितरण व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ निगम को आर्थिक नुकसान की संभावना भी बढ़ी है। साथ ही बिलिंग और ऊर्जा लेखांकन प्रणाली की प्रभावशीलता पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
कार्यालय आदेश संख्या-299 के तहत सिद्धार्थ कुमार शर्मा, जो वरिष्ठ प्रबंधक (तकनीकी) एवं अतिरिक्त प्रभार उप महाप्रबंधक (तकनीकी) के पद पर कार्यरत थे, को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वे ऊर्जा लेखांकन और ऊर्जा ऑडिट से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय हजारीबाग विद्युत आपूर्ति अंचल निर्धारित किया गया है।
वहीं, कार्यालय आदेश संख्या-300 के तहत अवधेश कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक (जीटीओ) एवं वरिष्ठ प्रबंधक (तकनीकी-टीएसजी), को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वे आरडीएसएस और जेपीएसआईपी परियोजनाओं से जुड़े कार्यों की निगरानी कर रहे थे। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय रामगढ़ विद्युत आपूर्ति अंचल रहेगा।
विभागीय जांच होगी
JBVNL प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की जाएगी। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
लापरवाही पर सख्त रुख
निगम ने संकेत दिया है कि स्मार्ट मीटर, ऊर्जा लेखांकन और बिजली वितरण से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
