यूजीसी के नये नियम के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन

Dayanand Roy
2 Min Read

पटना: यूजीसी की नई गाइडलाइन के खिलाफ बिहार में भी छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है. मंगलवार को पटना के दिनकर गोलंबर पर ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन के बैनर तले सैकड़ों छात्र-छात्राएं सड़क पर उतर आए और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के फोटो पर कालिख पोतकर नाराजगी व्यक्त की। उनके पोस्टर भी जलाये गए।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि यूजीसी की नई गाइडलाइन शिक्षा के माहौल को प्रभावित कर सकता है । इससे छात्र समुदाय के बीच विभाजन की स्थिति पैदा हो सकती है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस तरह के नियमों से उच्च वर्ग और एससी-एसटी वर्ग के छात्रों के बीच मतभेद बढ़ सकते हैं।

उन्होंने इसे “काला कानून” बताते हुए केंद्र सरकार से इसे वापस लेने की मांग की।छात्र संगठनों का कहना है कि नए नियमों से विश्वविद्यालयों में अव्यवस्था बढ़ सकती है।

बता दें कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर पूरे देश में विवाद चल रहा है। ये नियम 13 जनवरी 2026 को लागू किए गए हैं।
इस बीच बिहार की सत्तारूढ़ जेडीयू ने अपना रुख साफ किया है। पार्टी के प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार दिया गया है। किसी भी वर्ग में नाराजगी लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार “न्याय के साथ विकास और सम्मान” की राजनीति के प्रतीक हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हम की ओर से भी बयान आया है।

बिहार सरकार में मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा है कि सरकार जो भी बिल लाती है, वह जनहित में होता है। पहले नियमों को पढ़ना और समझना चाहिए, उसके बाद ही विरोध या समर्थन करना चाहिए।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *