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तेजप्रताप के दही-चूड़ा भोज में रही सियासी गहमागहमी

by Dayanand Roy

दिया नये सियासी पहल के संकेत

पटना :  बिहार में मकर संक्रांति के मौके पर  दही-चूड़ा भोज के बहाने सियासत होती रही है। इस मामले राबड़ी आवास पर आयोजित राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव का चूड़ा-दही भोज सालों से चर्चित रहा है।

लेकिन इस बार वहां सन्नाटा पसरा रहा। लालू यादव की ओर से मकर संक्रांति के भोज का आयोजन नहीं किया गया। जबकि उनके बड़े बेटे और  जनशक्ति जनता दल प्रमुख तेज प्रताप यादव ने इस बार  परंपरा को निभाते हुए भव्य आयोजन किया।

इसमें राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और लालू प्रसाद यादव सहित विभिन्न दलों के नेता शामिल हुए। दरअसल, बिहार की सियासत में मकर संक्रांति को सियासी संक्रांति के तौर पर जाना जाता है। हर साल मकर संक्रांति पर कोई न कोई सियासी खेल जरूर होता है।

दही-चूड़ा भोज के जरिए गठबंधन बनते और बिगड़ते हैं। समय बितने के साथ वह खेल भी उजागर हो जाता है। अब इस मकर संक्रांति का कौन सा साइड इफेक्ट सामने आने वाला है वह तो  आने वाला समय बताएगा। फिलहाल बिहार की सियासत में दही-चूड़ा भोज की राजनीति जारी है। एक तरफ जहां जदयू विधायक रत्नेश सादा के आवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया तो वहीं भाजपा की ओर से पार्टी कार्यालय में भी दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया। जिसमें दोनों उपमुख्यमंत्री समेत पार्टी के तमाम बड़े नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

 तेज प्रताप यादव ने खुद राबड़ी आवास जाकर  लालू यादव, तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी को निमंत्रण दिया था।  इस भोज में लालू यादव के जाने पर संशय जरूर था, लेकिन सारा संशय दूर हो गया। सात महीने की लंबी तल्खी के बाद तेज प्रताप यादव खुद राबड़ी आवास पहुंचे थे और तेजस्वी यादव सहित पूरे परिवार को निमंत्रण दिया था। हालांकि राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव दोपहर बाद तक  नहीं पहुंचे थे।

तेज प्रताप ने सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष और परिवार तक को न्योता देकर सियासी हलकों में हलचल पैदा कर दी । यह भोज सिर्फ़ स्वाद का नहीं, संकेतों का भी है। बता दें कि मंगलवार को उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के आवास पर हुए दही-चूड़ा भोज में तेज प्रताप यादव की मौजूदगी पहले ही सियासी बहस को तेज कर चुकी है।

 तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज की सबसे बड़ी खासियत यही है कि उन्होंने उन नेताओं को भी न्योता दिया था, जिनकी राजनीति सीधे तौर पर राजद की विचारधारा के खिलाफ मानी जाती है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 2025 विधानसभा चुनाव से पहले तेज प्रताप अपनी एक अलग और समावेशी राजनीतिक छवि गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।

लालू यादव ने मौके पर  न सिर्फ बेटे को इस आयोजन के लिए मनोबल बढ़ाया बल्कि इस दौरान पुत्र के सियासी भविष्य की बेहतरी का आशीर्वाद भी दिया। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए लालू यादव ने कहा कि वो तेजप्रताप से नाराज नहीं है। वो परिवार के साथ ही रहें। तेजप्रताप के भाजपा में जाने के सवाल पर कहा कि बेटे को हमेशा आशीर्वाद रहेगा।

लालू यादव ने कहा कि ऐसे भोज सभी लोगों को करने चाहिए। उन्होंने कहा कि तेजप्रताप यादव ने इस आयोजन में सभी दलों के लोगों को आमंत्रित किया है, चाहे वे भाजपा के हों या विरोधी दलों के, यह एक अच्छा और सराहनीय कदम है। लालू यादव ने साफ शब्दों में कहा कि परिवार में किसी तरह की कोई नाराजगी नहीं है और सब कुछ ठीक है। उन्होंने तेजप्रताप यादव को आशीर्वाद भी दिया और कहा कि आपसी मेल-मिलाप से ही समाज में सकारात्मक संदेश जाता है।  इस दौरान तेज प्रताप यादव ने मकर संक्रांति के बाद पूरे बिहार में यात्रा निकालने का ऐलान किया। भोज के दौरान ही तेज प्रताप यादव ने भविष्य की सियासत की रूपरेखा भी तय कर ली।

पत्रकारों से बातचीत में तेज प्रताप यादव ने कहा कि आगे वह पूरे बिहार में यात्रा निकालेंगे। उन्होंने कहा कि पिताजी आ गए, आशीर्वाद दिए। गवर्नर साहब आए, वो भी आशीर्वाद दिए। बड़े बुजुर्ग से आशीर्वाद लेते हुए कुछ नया काम करना है आगे। तेजस्वी के बारे मे पूछे गए  सवालों के जवाब में तेज प्रताप ने कहा कि छोटे भाई हैं, थोड़ा लेट से सोकर उठते हैं, इसलिए अभी तक दही-चूड़ा भोज में नहीं आ पाए हैं। वहीं, चूड़ा-दही भोज के दौरान राघोपुर से आए एक कार्यकर्ता ने माइक पर खुद को राघोपुर विधानसभा क्षेत्र का बताया।

इसपर तेजप्रताप यादव ने तुरंत माइक संभालते हुए कहा कि आप राघोपुर से आए हैं तो आपके विधायक कहां हैं?” तेजप्रताप ने कहा कि राघोपुर के विधायक अब तक यहां क्यों नहीं पहुंचे?” उनके इस सवाल को सीधे तौर पर तेजस्वी यादव से जोड़कर देखा जा रहा है। तेजप्रताप के इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच कानाफूसी शुरू हो गई। कई लोग इसे पारिवारिक तंज तो कुछ इसे राजनीतिक संदेश के तौर पर देख रहे हैं। इस भोज में तेज प्रताप यादव के मामा प्रभुनाथ यादव और साधु यादव भी पहुंचे थे।

इस दौरान प्रभुनाथ यादव ने कहा कि राज्यपाल और लालू जी ने आशीर्वाद दिए हैं। आज से दिन शुभ होने वाला है। परिवार एक है, कोई दूरी नहीं है। हम अपने भगिना को आशीर्वाद दिया है। साथ ही उन्होंने यह भी बड़ी बात कही कि तेज प्रताप यादव बहुत आगे जाने वाले हैं.।दोनों भाई एक साथ हैं। सारे मामा का आशीर्वाद है। साधु यादव भी सालों बाद तेजप्रताप यादव के आवास पर नजर आए।

साधु यादव ने कहा कि मैं अपने भांजा तेजप्रताप यादव को बधाई देने आया हूं। वह खूब तरक्की करे, यही शुभकामना है। साधु यादव ने भी परिवार की एकता पर जोर देते हुए कहा कि तेजप्रताप यादव की पहल बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार एक रहेगा तभी मजबूत रहेगा। परिवार की एकजुटता सबसे जरूरी है।

 भोज में शामिल होने के बाद राज्यपाल आरिफ मुहम्मद खान ने तेज प्रताप यादव के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सभी को मकर संक्रांति की ढेरों बधाई। तेजप्रताप यादव ने अच्छी कोशिश की है, सभी लोगों को बुलाया है। लालू जी और पूरे परिवार को मेरी शुभकामनाएं।

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