
20 जनवरी को हो सकती है औपचारिक घोषणा

पटना : भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर नितिन नवीन के नाम पर जल्द ही मुहर लगने की खबर है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए 19 जनवरी को नामांकन दाखिल करेंगे, जबकि 20 जनवरी को उनके नाम की औपचारिक घोषणा किए जाने की संभावना है।

सूत्रों की माने तो नामांकन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह स्वयं प्रस्तावक के तौर पर मौजूद रहेंगे। दोनों शीर्ष नेताओं की मौजूदगी से नितिन नवीन के नाम पर पार्टी नेतृत्व की पूरी सहमति और भरोसे का संकेत मिलता है।
नितिन नवीन के नामांकन के मौके पर भाजपा शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और पार्टी के प्रदेश अध्यक्षों को दिल्ली बुलाया गया है। इससे यह साफ है कि पार्टी इस चयन को एक बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है।
दरअसल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर जेपी नड्डा का कार्यकाल पूरा हो चुका है और अब उनकी विदाई तय है। उनकी जगह पर अब नितिन नवीन को पार्टी की कमान सौंपी जाएगी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 20 जनवरी को ही नितिन नवीन अपना पदभार संभाल लेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर उनकी ताजपोशी के वक्त पार्टी की ओर से एक बड़ा समारोह आयोजित किया जाएगा।
बता दें कि नितिन नवीन 15 दिसंबर को भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चुने गए थे। 45 वर्षीय नितिन नवीन भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। उनकी यह नियुक्ति पार्टी में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति के वक्त पीएम मोदी ने कहा था कि नितिन नवीन जी ने एक कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई।
वे एक युवा और कर्मठ नेता हैं, जिन्हें संगठनात्मक अनुभव का भरपूर लाभ है। बिहार में विधायक और मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल प्रभावशाली रहा है। पीएम ने कहा था कि मुझे विश्वास है कि उनकी ऊर्जा और समर्पण आने वाले समय में हमारी पार्टी को मजबूती प्रदान करेगी। राजनीतिक सफर की बात करें तो नितिन नवीन चार बार विधायक रह चुके हैं और संगठन तथा सरकार दोनों स्तरों पर उन्हें मजबूत प्रशासक और कुशल रणनीतिकार के रूप में जाना जाता है। वे कायस्थ समाज से आते हैं, जिसे देखते हुए पार्टी के सामाजिक समीकरणों में भी यह फैसला अहम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाना रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। बंगाल समेत पूर्वी भारत में संगठन को और मजबूत करने के लिए पार्टी नेतृत्व एक नए सामाजिक और राजनीतिक संदेश के साथ आगे बढ़ना चाहता है।
भाजपा के अंदर इस घटनाक्रम को संगठनात्मक मजबूती, क्षेत्रीय संतुलन और आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से एक निर्णायक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, नितिन नवीन के लिए कांटों भरा ताज होगा।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही उनको कई चुनौतियों का सामना करना होगा। उनकी सबसे बड़ी चुनौती इस साल 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव होगी। उन्हें ‘बंगाल फतह’ की रणनीति तैयार करनी होगी तो वहीं असम बचाने का दबाव भी झेलना होगा। इसके अलावा दक्षिण भारत में ‘कमल खिलाने’ का दबाव होगा।


