बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हिंसा : भारत ने जताई गंभीर चिंता

Dayanand Roy
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नई दिल्ली : बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार हो रही हिंसा और शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को भारत ने गंभीर चिंता का विषय बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हाल ही में मयमनसिंह में हिंदू युवक दीपु चंद्र दास की हत्या की भारत ने कड़ी निंदा की है और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने की उम्मीद जताई है।

उन्होंने बताया कि बांग्लादेश में हिंदू, ईसाई और बौद्ध अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और स्वतंत्र स्रोतों के अनुसार अंतरिम सरकार के कार्यकाल में 2,900 से अधिक हिंसा की घटनाएं दर्ज की गई हैं।

भारत ने बांग्लादेश में आगामी संसदीय चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी बनाए जाने पर जोर दिया है। साथ ही, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान की स्वदेश वापसी पर सतर्क प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि इसे समावेशी चुनाव सुनिश्चित करने के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। जायसवाल ने कहा कि भारत बांग्लादेश में हो रहे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहा है और उम्मीद करता है कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ अपराधों के दोषियों को न्याय मिलेगा।

 सिलीगुड़ी के होटलों में बांग्लादेशी नागरिकों के ठहरने पर रोक

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में होटल मालिकों के संगठन ‘ग्रेटर सिलीगुड़ी होटलियर्स वेलफेयर एसोसिएशन’ ने बांग्लादेशी नागरिकों को होटल में ठहरने से अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। यह फैसला पड़ोसी देश में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल और भारत-बांग्लादेश संबंधों में बढ़े तनाव के मद्देनजर लिया गया है।

संगठन ने कहा कि इसका उद्देश्य होटल कर्मचारियों और मेहमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। एसोसिएशन के सदस्य अगले आदेश तक बांग्लादेशियों को चेक-इन की अनुमति नहीं देंगे।

सिलीगुड़ी, जो उत्तर बंगाल में अंतर्राष्ट्रीय सीमा और पूर्वोत्तर से मुख्य भूमि को जोड़ने वाले संवेदनशील इलाके में स्थित है, बांग्लादेशी पर्यटकों, चिकित्सा और छात्र वीजा आगंतुकों के लिए प्रमुख प्रवेश बिंदु रहा है। लगभग 180 सदस्य होटल इस निर्णय का पालन कर रहे हैं, जबकि करीब 50 गैर-सदस्य होटल ने भी इसे लागू करना शुरू किया है। मालदा जिले के होटल मालिक भी इसी तरह के कदम पर विचार कर रहे हैं।

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