नीतीश कुमार 10वीं बार बने बिहार के मुख्यमंत्री

Dayanand Roy
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पीएम मोदी की मौजूदगी में नीतीश कुमार के साथ 25मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई

महेश कुमार सिन्हा

पटना :  नीतीश कुमार ने गुरुवार को रिकॉर्ड 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हे पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।  नीतीश कुमार के साथ  25 मंत्रियों को भी शपथ दिलाईगई। इनमें 14 भाजपा के,आठ जदयू के ,दो लोजपा(रा)के एक हम के और एक रालोमो के हैं।

शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित एनडीए के कई बड़े नेता मौजूद थे।

नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की 8वीं सरकार के मुखिया के तौर पर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद भाजपा कोटे से सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने बतौर उपमुख्यमंत्री शपथ ली। शपथ लेने वाले मंत्रियों में 13 नये चेहरे हैं। इनमें रालोमो कोटे के दीपक प्रकाश किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को विधान परिषद में लाया जा सकता है। हम के संरक्षक जीतनराम मांझी के बेटे संतोष सुमन को फिर मंत्री बनया गया है। लोजपा(रा) प्रमुख चिराग पासवान ने महुआ से  तेजप्रताप यादव को हराने वाले संजय कुमार सिंह और बखरी से भाकपा को हराकर आए संजय पासवान को मंत्री बनवाया है।

 भाजपा कोटे से सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय,  डा. दिलीप जायसवाल, नितिन नवीन, रामकृपाल यादव, संजय टाइगर, अरुण शंकर प्रसाद, सुरेंद्र मेहता, नारायण प्रसाद, रमा निषाद, लखेंद्र कुमार रोशन, श्रेयसी सिंह और प्रमोद कुमार (चंद्रवंशी) को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। जबकि  जदयू से विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, मोहम्मद जमा खान और सुनील कुमार को मंत्री बनाया गया है।मंत्रिमंडल में अनुभवी नेताओं के साथ कई नए चेहरों का समावेश किया गया है, जो आने वाले समय में बिहार की राजनीति और प्रशासन को नई दिशा देने का काम करेंगे।

इस बार नीतीश कुमार की नई कैबिनेट में हर वर्ग और जाति के नेताओं को शामिल करने की कोशिश साफ दिखाई देती है।  राजपूत समाज से 4 मंत्री बनाए गए हैं और भूमिहार समाज से 2 चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। वहीं कैबिनेट में दलितों को भी बड़ा प्रतिनिधित्व दिया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं कुर्मी जाति से आते हैं और इस समुदाय का बिहार की राजनीति में मजबूत जनाधार है। वह इस समय विधान परिषद के सदस्य हैं। इन्हीं की तरह जदयू से कई अन्य महत्वपूर्ण नेता भी मंत्रिमंडल का हिस्सा बने हैं, जो विभिन्न जातीय समूहों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

भाजपा कोटे से उपमुख्यमंत्री बनाए गए सम्राट कुशवाहा (कोइरी) जाति से आते हैं। कुशवाहा समाज बिहार में एक बड़ा और राजनीतिक रूप से प्रभावी पिछड़ा वर्ग है। सम्राट चौधरी तारापुर विधानसभा सीट से विधायक हैं और लगातार कई चुनावों से सक्रिय राजनीति का हिस्सा रहे हैं। जबकि दिलीप कुमार जायसवाल वैश्य समाज से आते हैं और विधान परिषद के सदस्य हैं। वैश्य समुदाय परंपरागत रूप से भाजपा का बड़ा समर्थक माना जाता है, इसलिए इस वर्ग को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व देना बेहद जरूरी था।

जदयू के वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार भी कुर्मी समाज से आते हैं और नालंदा से विधायक हैं। नीतीश कुमार के सबसे पुराने साथियों में उनकी गिनती होती है। एनडीए सरकार में दलित समुदाय की भागीदारी का प्रतिनिधित्व संतोष सुमन करते हैं, जो मुसहर जाति से आते हैं और विधान परिषद सदस्य हैं। यह वर्ग बिहार के सबसे वंचित समूहों में माना जाता है।सवर्ण कायस्थ समुदाय का प्रतिनिधित्व  नितिन नवीन करते हैं। वे पटना शहर की प्रतिष्ठित बांकीपुर सीट से विधायक हैं और लगातार भाजपा के चेहरे के रूप में अपनी भूमिका मजबूत करते रहे हैं।

लेसी सिंह धमदाहा से विधायक हैं और कोसी क्षेत्र की महिलाओं में उनकी अच्छी पकड़ है। वहीं मदन सहनी भी पिछड़ा वर्ग के महत्वपूर्ण नेता हैं। नीतीश कुमार  की नई  टीम से साफ  पता चलता है कि एनडीए ने हर जातीय वर्ग को प्रतिनिधित्व देकर संतुलन बनाने की कोशिश की है। यह जातीय संतुलन आने वाले दिनों में सरकार की स्थिरता और जनता से जुड़ाव  में अहम भूमिका निभा सकता है।

मंच पर राष्ट्रीय राजनीति के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने  समारोह को भव्य बना दिया। इस दौरान पूरा गांधी मैदान सुरक्षा घेरे में था और माहौल में उत्साह, तालियों और नारों की गूंज सुनाई देती रही। शपथ ग्रहण समारोह में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने पूरे आयोजन को  रंगीन बना दिया। मंच पर मैथिली ठाकुर, सांसद व गायक मनोज तिवारी और भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने अपनी प्रस्तुति से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों ने समारोह को एक उत्सव में बदल दिया था।

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