Home » बिहार में दूसरे चरण की 122 विधानसभा सीटों पर थम गया चुनाव प्रचार का शोर

बिहार में दूसरे चरण की 122 विधानसभा सीटों पर थम गया चुनाव प्रचार का शोर

by Dayanand Roy

इन सीटों पर 11 नवंबर को मतदान होगा

आठ मंत्रियों सहित कई दिग्गजों के भाग्य का होगा फैसला

महेश कुमार सिन्हा

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में 20 जिलों के 122 विधानसभा क्षेत्रों में रविवार की शाम पांच बजे प्रचार का शोर थम गया। उम्मीदवार अब घर-घर जनसंपर्क कर मतदाताओं का समर्थन हासिल करेंगे। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। सभी दलों के बड़े नेताओं  ने अपने उम्मीदवारों के पक्ष  में धुंआधार प्रचार  किए। 

इन सीटों पर 11 नवंबर को मतदान होगा। इन पर कुल 1302 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें 1165 पुरुष, 136 महिलाएं और एक थर्ड जेंडर उम्मीदवार हैं। दूसरे चरण चरण में 3,70,13,556  मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।इनमें 1,74,68,572 महिला,1,95,44,041पुरुष और 943 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।

राज्य निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार मतदान के लिए कुल 45,399 बूथ बनाये गये हैं। इनमें से 4109 बूथों को संवेदनशील घोषित किया गया है।इन पर सुरक्षा कारणों से मतदान का समय घटा दिया गया है।

निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक 19 विधानसभा क्षेत्रों के 4003 बूथों पर शाम चार बजे तक और बोधगया के 106 बूथों पर शाम पांच बजे तक वोटिंग होगी। शेष 41,290 बूथों पर सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक  वोट डाले जायेंगे। सभी बूथों पर सशस्त्र बलों की तैनाती रहेगी।

चुनाव के मद्देनजर नेपाल से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा सील कर दी गई है। हर आने-जाने वाले पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

दूसरे चरण में जिन 122 सीटों पर मतदान होना है, उनमें पिछले विधानसभा में  67 पर एनडीए और  50 सीटों पर महगठबंधन जीता था।इस बार 13 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला है। इससे दोनों गठबंधनों की पक्की मानी जा रही कुछ सी सीटों में कमी हो सकती है।

कई सीटों पर जनसुराज और कुछ पर एआईएमआईएम तथा बसपा लड़ाई  को त्रिकोणीय बना रही है। छह सीटों पर महागठबंधन के घटक दल आपस में भिड़ रहे हैं। जबकि पांच सीटों पर  बागी निर्दलीय उम्मीदवार अपनी पूर्व की पार्टियों के अधिकृत उम्मीदवारों का खेल बिगाड़ रहे हैं।

इस चरण  में  सीमांचल के चार, मगध के पांच  और  शाहाबाद  के दो जिले एनडीए के लिए चुनौतीपूर्ण है।पिछले चुनाव में वह किशनगंज, रोहतास, कैमूर, अरवल,औरंगाबाद और जहानाबाद  की 26 में  से एक भी सीट  नहीं जीती थी।

पहले चरण की 121 सीटों पर रिकॉर्ड वोटिंग के बाद अब  सभी दलों की नजर दूसरे चरण पर है। इस चरण में आठ मंत्रियों सहित कई दिग्ग्जों के भाग्य का फैसला होगा। इनमें दो पूर्व उपमुख्यमंत्री शामिल हैं। अभी जो चुनावी परिदृश्य है उसमें माना जा रहा है कि दूसरे चरण में जो गठबंधन फायदे में रहेगा, सरकार उसी की बनेगी।

Related Articles

Leave a Comment