हेमंत सोरेन ने जेल जाना स्वीकार किया, पर समझौता नहीं किया : कल्पना सोरेन

Dayanand Roy
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रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जेल भेजा गया, क्योंकि उन्होंने झारखंड के आदिवासी–मूलवासी, दलित, और पिछड़े वर्गों के लिए निःस्वार्थ भाव से काम किया। किशोरी समृद्धि योजना से झारखंड की बेटियों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता से जोड़ा,जिसके अंतर्गत 40 हज़ार बच्चियों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता दी गई। उन्होंने अबुआ आवास योजना के माध्यम से झारखंड के गरीब परिवारों को अपना घर देने का संकल्प पूरा किया।

उन्होंने जेल जाना स्वीकार किया पर समझौता नहीं किया। शनिवार को ये बातें गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने कहीं। वे घाटशिला उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी सोमेश चंद्र सोरेन के समर्थन में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित कर रही थीं।

कल्पना सोरेन ने कहा कि वे स्वर्गीय रामदास सोरेन को नमन करती हैं, जो इस क्षेत्र में सभी के भाई, दादा और मांझी बाबा थे। कल्पना सोरेन ने कहा कि हेमंत सोरेन के रगों में, उनकी संस्कृति और इतिहास में यह लिखा है कि लड़ जाएँगे, मर जाएँगे, लेकिन झुकेंगे नहीं।

उन्होंने कहा कि गुरुजी ( शिबू सोरेन) ने हमें केवल शारीरिक रूप से छोड़ा है, उनके सपनों को हेमंत सोरेन निरंतर पूरा कर रहे हैं। अंत में कल्पना सोरेन ने जनता से अपील की कि वे 11 नवम्बर को भारी संख्या में मतदान कर सोमेश सोरेन जी को विजयी बनाएं और हेमंत सोरेन के संघर्ष और विकास की गाथा आगे बढ़ाएं।

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