बिहार की 75 लाख महिलाओं के खाते में में गये 10-10 हजार रुपए
महेश सिन्हा
पटना : बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी दलों की ओर से महिलाओं को साधने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का शुभारंभ किया।
पटना में आयोजित भव्य कार्यक्रम की कमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संभाली, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। इस अवसर पर पीएम मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संयुक्त रूप से रिमोट का बटन दबाकर योजना की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य की 75 लाख महिलाओं के बैंक खातों में पहली किस्त के रूप में दस-दस हज़ार रुपये की राशि सीधे ट्रांसफ़र की गई। कुल मिलाकर 7500 करोड़ रुपये की यह धनराशि बिहार की माता-बहनों के जीवन में नई ऊर्जा और रोजगार की संभावनाओं को जगाने वाली साबित होगी।
इस मौके पर पीएम मोदी ने बिहार की महिलाओं को वर्चुअली संबोधित करते हुए योजना के महत्व और राज्य में कानून व्यवस्था पर जोर दिया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की गठबंधन से पहले की सरकार पर करारा प्रहार किया।
पीएम मोदी ने विपक्ष, विशेषकर राजद और लालू प्रसाद यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के इन पावन दिनों में आज मुझे बिहार की नारी शक्ति के साथ उनकी खुशियों में शामिल होने का अवसर मिला। नवरात्रि के इस पावन पर्व पर आप सबका आशीर्वाद, हम सबके लिए एक बहुत बड़ी शक्ति है। मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि अगर देश ने जन-धन योजना के तहत 30 करोड़ से ज्यादा माताओं-बहनों के खाते न खुलवाए होते तो क्या आज इतने पैसे हम सीधे आपके खाते में भेज पाते।
आज जो पैसे भेजे जा रहे हैं, वो पूरे आपके खाते में जमा होंगे। कोई एक पैसा नहीं मार सकता। पहले योजना का पैसा आप तक पहुंचने से पहले लुट जाता था। उन्होंने कहा कि बेटियां और महिलाएं आज सुरक्षित हैं और उनके अधिकारों की रक्षा हो रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में कानून का राज स्थापित है। उन्होंने याद दिलाया कि राजद की सरकार के दौरान अराजकता और नक्सली आतंक महिलाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। आज जब नीतीश जी के नेतृत्व में कानून का राज लौटा है तो सबसे ज्यादा राहत महिलाओं ने महसूस की है। अब बेटियां बेखौफ होकर घर से निकलती हैं।
पीएम मोदी ने महिलाओं की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि आज हमारी बेटियां बड़ी संख्या में फोर्स और पुलिस में काम कर रही हैं। लड़ाकू विमान उड़ा रही हैं। महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को लेकर पीएम मोदी ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि सरकार लगातार उनके विकास और सुरक्षा के लिए काम कर रही है।
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, हमें वो दिन नहीं भूलने चाहिए जब बिहार में राजद की सरकार थी। तब राज्य में ‘लालटेन का राज’ था अराजकता, भ्रष्टाचार और भय का माहौल सबसे अधिक हमारी माताओं और बहनों को झेलना पड़ा।
उन्होंने कहा कि उस दौर में बिहार की सड़कें टूटी-फूटी, पुल-पुलिया गायब और बाढ़ के समय हालात बेहद खराब होते थे। खासकर गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सकता था, जिससे कई बार जान का खतरा बना रहता था। उस अराजक व्यवस्था से बाहर निकालने के लिए हमारी सरकार ने दिन-रात काम किया है। कार्यक्रम के दौरान जीविका दीदियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
भोजपुर की रीता देवी की बातें सुनकर पीएम मोदी मुस्कुरा दिए और उनका अभिवादन किया। वहीं, गयाजी की नूरजहां खातून को निर्देश दिए कि वे हफ्ते में 50 दीदियों को इकट्ठा कर योजनाओं और उनके लाभ के बारे में जानकारी दें ताकि और लोगों को प्रेरणा मिल सके।
अंत में पीएम मोदी ने कहा कि हम बिहार को फिर कभी अंधेरे में नहीं जाने देंगे। आज की नई पीढ़ी को अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए एक ही रास्ता है विकास और सुशासन। अपने बच्चों को बर्बाद होने से बचाने के लिए बिहार की जनता को सजग रहना होगा
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ऑनलाइन उपस्थित रहे। राज्यभर की महिलाएं और भाजपा कार्यकर्ता भी इससे जुड़े। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लालू यादव पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ये तो हट गया था। सात साल के बाद तो पत्नी को बना दिया सीएम। इससे पहले कोई ऐसा किया था। वो केवल अपने परिवार को देखते हैं। हमलोग जनता के लिए काम करते हैं।
हमने बिहार के विकास के लिए काम किया है। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि एनडीए की सरकार 24 नवंबर 2005 से सत्ता में है और तभी से महिलाओं के सशक्तिकरण और राज्य के विकास के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
नीतीश कुमार ने बिहार की पिछली सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने महिलाओं और विकास के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि अब बिहार में कानून का राज है और महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता में है।
ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, इस योजना के लिए अब तक 1.11 करोड़ से अधिक महिलाओं ने आवेदन जमा किया है। इनमें से ग्रामीण क्षेत्रों की 1 करोड़ 7 लाख महिलाओं, जिन्हें ‘जीविका दीदी’ कहा जाता है, ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है।
शहरी इलाकों में काम कर रही 4 लाख 66 हजार से अधिक महिलाओं ने भी इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन किया। इसके अलावा लगभग 1 लाख 40 हजार नई महिलाओं ने नए समूह से जुड़ने की इच्छा जताई है।
लेखक न्यूजवाणी बिहार के संपादक हैं।

