
सुनील सिंह

झारखंड के सपूत, महान विभूति, राजनीतिज्ञ, पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन की खबर से सभी मर्माहत हैं। झारखंड में शून्य की स्थिति पैदा हो गई है। शिबू सोरेन के योगदान और संघर्ष को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

राजनीति अपनी जगह और विभूतियों का सम्मान अपनी जगह। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार यह संदेश दे चुके हैं कि उनके लिए राजनीति और देश की विभूतियों के सम्मान का मसला अलग-अलग है।
वह किसी से वैर भाव नहीं रखते।आज फिर उन्होंने यह साबित किया कि वह देश के सेवक हैं। और उनकी नजरों में सबका सम्मान है। चाहे वह उनका राजनीतिक विरोधी ही क्यों न हो । शिबू सोरेन के निधन के बाद वह उन्हें श्रद्धांजलि देने दिल्ली में सर गंगा राम अस्पताल पहुंचे।
उन्होंने शिबू सोरेन के पार्थिव शरीर को नमन किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गले लगाया। उन्हें सांत्वना दी। मोदी अभिभावक की तरह मुख्यमंत्री को समझाते दिखे। उन्होंने सीएम की पत्नी कल्पना सोरेन के माथे पर हाथ रखकर धैर्य रखने की सलाह दी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी अस्पताल पहुंचकर शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी। उनके सम्मान में आज राज्यसभा की कार्रवाई स्थगित कर दी गई । यह साबित करता है शिबू सोरेन कितने बड़े नेता थे। उनके बारे में कुछ भी कहना लिखना कम ही होगा।
लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।


