ढाका : बांग्लादेश में एक छात्र नेता की मौत के बाद हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। बांग्लादेश में ‘जुलाई विद्रोह’ के प्रमुख नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की छह दिन तक अस्पात में जीवन और मौत के बीच संघर्ष के बाद बृहस्पतिवार रात सिंगापुर में मौत हो गयी।
हादी की मौत के बाद देश के कई हिस्सों में व्यापक विरोध प्रदर्शन, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। इस दौरान कुछ मीडिया संस्थानों को भी निशाना बनाया गया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब बांग्लादेश आगामी आम चुनावों की ओर बढ़ रहा है।
राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है और अब हिंसा की घटनाओं ने सरकार और विपक्ष, दोनों के लिए चिंता बढ़ा दी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि छात्र नेता की मौत राजनीतिक हिंसा का नतीजा है, जबकि प्रशासन ने हालात काबू में करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं।
इस बीच, प्रमुख विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के वरिष्ठ नेता तारीक रहमान, जो पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र हैं, के 25 दिसंबर को बांग्लादेश लौटने की योजना की खबरों ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तारीक रहमान वर्षों से लंदन में निर्वासन में रह रहे हैं और उनकी वापसी से विपक्षी राजनीति को नई ऊर्जा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, बांग्लादेश के विदेश सचिव असद आलम सियाम ने भारत के राजदूत सहित विभिन्न देशों के राजनयिकों को मौजूदा हालात और चुनावी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि राजनयिक मिशनों की सुरक्षा मजबूत की गई है और सरकार शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
