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 नहाय-खाय संग होगी छठ महापर्व की शुरुआत, आलोक‍ित होगी आस्‍था

by Dayanand Roy

 

रांची : लौकिक जगत के प्रत्यक्ष देव, संपूर्ण सृष्टि के ऊर्जा के स्रोत भगवान सूर्य की चार दिवसीय उपासना का लोक महापर्व छठ का शुभारंभ शनिवार को नहाय-खाय के साथ होगा।

पंडित रामदेव पांडेय ने बताया कि इस  दिन पूरी शुद्धता के साथ व्रत रखकर व्रती महिलाएं पूजा का प्रसाद बनाएंगी तथा सायंकाल लौकी, चावल, चने की दाल, घी, सेंधा नमक और रोटी खाकर अगले दिन रविवार को खरना के साथ 36 घंटे तक निर्जल व्रत का संकल्प लेंगी।

तीसरे दिन सोमवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य के साथ महापर्व का मुख्य आयोजन समस्त नदियों और सरोवरों के तटों पर होगा। घाटों पर आस्था का जनसमुद्र उमड़ेगा और मंगलवार को चौथे दिन उदय होते सूर्य को अर्घ्य के पश्चात व्रत का समापन होगा।

पूरी पवित्रता और कठिन संकल्प के साथ किए जाने वाले लोक आस्था के इस चतुर्दिवसीय महापर्व का शुभारंभ कार्तिक शुक्ल चतुर्थी तिथि से नहाय-खाय के साथ होता है और अगले चार दिनों तक इसकी धूम रहती है।

संतान प्राप्ति व संतान कल्याण व दीर्घायु की कामना से किए जाने वाले इस व्रत को लेकर व्रती परिवारों में तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। पूरे घर की विधिवत साफ-सफाई के पश्चात व्रती व परिवार के सदस्य शनिवार को निकटतम नदी या सरोवर में जाकर स्नान करेंगी और पूरी शुद्धता के साथ छठ पूजन के लिए पूरे दिन प्रसाद बनाएंगी।

इसमें ठेकुआ, मीठी पूड़ी, पकौड़ी, खाजा आदि होंगे। सायंकाल व्रती बिना लहसुन-प्याज की लौकी की सब्जी, चावल, चने की दाल, घी, सेंधा नमक, हरी धनिया, मिर्च व रोटी खाएंगी और भूमि पर शयन करेंगी। इसके साथ ही चार दिवसीय महापर्व का उल्लास पूरे वातावरण में छा जाएगा। माना जाता है कि इस सुपाच्य भोजन से 36 घंटे के निराजल व्रत रखने के लिए शरीर को शुद्धता व आवश्यक जल की मात्रा प्राप्त हो जाती है।

ऐसे मनेगा चार दिवसीय महापर्व: 25 अक्टूबर शनिवार को नहाय खाय, 26 अक्टूबर रविवार को खरना, 27 अक्टूबर सोमवार की शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य और 28 अक्टूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य के बाद महाव्रत का पारण होगा।

बाजार में उमड़ने लगी खरीदारों की भीड़

छठ महापर्व में पूजन सामग्री की खरीदारी को लेकर बाजारों में भीड़ उमड़ने लगी है। मोरहाबादी स्थित किरण पूजा भंडार के रौशन कुमार ने बताया कि पूजा को लेकर खरीदारी शुरू है, अभी बिक्री मद्धम है, पर नहाय-खाय के दिन इसमें तेजी आयेगी। उसने बताया कि इस साल अच्छी बिक्री की उम्मीद है।

सूप 110 तो गागल 50 रुपये पीस

छठ महापर्व में सूप का रेट जहां 110 रुपये है वहीं गागल 50 रुपये पीस बिक रहा है। 12 किलो आम की लकड़ी के बोझे का रेट 300 रुपये है। दउरा, 450 रुपये लेकर लेकर आकार के हिसाब से 650 रुपये में उपलब्ध है।

हरमू में हाथी का रेट 500 रुपये पीस है। नारियल 40 रुपये पीस है और अलता पत्ता का पैकेट दस रुपये पीस है। गुड़ 60 रुपये किलो है और 100 ग्राम के नारियल गोला का दाम 60 रुपये है।

गोटा नारियल का रेट 60 रुपये है। मोरहाबादी बाजार में पूजन सामग्री लेने आए हर्षित ने बताया कि इस साल रेट बढ़े हुए हैं पर महंगाई पर आस्था भारी है।

छठ घाट की हो गई सफाई, लाइट लगाने का काम पूरा

बोड़ेया में छठ घाट की सफाई का काम पूरा हो चुका है। यहां लाइट लगाने का काम भी पूरा हो गया है। शुंक्रवार को यहां लाइट लगाया गया तथा घाट की सफाई के साथ घाट जाने के रास्ते की भी सफाई करायी गयी। संगम छठ घाट पूजा समिति बोड़ेया के अध्यक्ष परमानंद साहू ने बताया कि छठ महापर्व को लेकर घाट की सफाई का काम पूरा हो चुका है।

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