
राहुल गांधी के खिलाफ शकील अहमद के बयान पर बवाल

पटना : राहुल गांधी के खिलाफ कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. शकील अहमद के बयान से बवाल मच गया। डा. अहमद के बयान से आक्रोशित बिहार यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पटना के करगिल चौक पर विरोध प्रदर्शन कर उनका पुतला दहन किया।
मौके पर बिहार यूथ कांग्रेस के महासचिव मुकुल यादव ने कहा कि डा.शकील अहमद ने पार्टी के साथ गद्दारी करने का काम किया है। वे माफी मांगे। अन्यथा हम उनके घर के बाहर प्रदर्शन कर उन्हे माफी मांगने पर विवश कर देंगे।
इससे पहले डा. अहमद ने सोशल मीडिया के जरिए आशंका जताई थी कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के इशारे पर उनके पटना और मधुबनी स्थित आवास पर हमला हो सकता है।
दरअसल, यह पूरा विवाद उस वक्त भड़का जब डा. शकील अहमद ने एक पॉडकास्ट में राहुल गांधी को ‘सबसे असुरक्षित नेता’ बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कांग्रेस के भीतर मजबूत और प्रभावशाली नेताओं से असहज महसूस करते हैं। उनके अनुसार, मल्लिकार्जुन खड़गे केवल नाम के अध्यक्ष हैं और पार्टी के बड़े फैसले पर्दे के पीछे से राहुल गांधी ही लेते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी उन्हीं लोगों के साथ काम करना पसंद करते हैं, जहां उन्हें ‘बॉस’ होने का अहसास हो। उन्होने राहुल गांधी के ‘संविधान बचाओ’ अभियान को भी आड़े हाथों लिया।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का जमीन पर कोई असर नहीं दिख रहा है। मुस्लिम समाज का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि खुद मुसलमान भी राहुल गांधी के आरोपों से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। डा. अहमद ने साफ किया कि उनकी नाराजगी पूरी कांग्रेस पार्टी से नहीं, बल्कि राहुल गांधी की कार्यशैली से है। उन्होंने किसी अन्य दल में शामिल होने की खबरों को भी खारिज कर दिया है।
डा. अहमद ने कहा कि युवा कांग्रेस की ओर आदेश जारी किया गया है कि मेरा पुतला दहन किया जाएगा।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के पुराने नेताओं ने उन्हें गुप्त रूप से सूचना दी है कि उनके पटना और मधुबनी स्थित आवास पर हमला हो सकता है। इसी आशंका के मद्देनजर उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर दोनों जगहों पर सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।
डा. अहमद ने बाद में मीडिया के समक्ष स्पष्ट किया है कि वह कांग्रेस पार्टी का नहीं, बल्कि राहुल गांधी का विरोध कर रहे हैं। दूसरे दल में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके रिश्ते अच्छे हैं, लेकिन वे कहीं नहीं जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार को लेकर उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान “क्षणिक लाभ” के लिए राहुल गांधी ने सवर्ण समाज के खिलाफ बयानबाजी की, जिसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा।



