
महेश कुमार सिन्हा

पटना : बिहार में गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब राज्य के पांच जिलों के कोर्ट परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। अज्ञात व्यक्ति की ओर से भेजे गए ई-मेल में दावा किया गया कि कोर्ट परिसर में आरडीएक्स विस्फोटक लगाया गया है। इसमें पटना सिविल कोर्ट, पटना सिटी कोर्ट, किशनगंज सिविल कोर्ट, गयाजी सिविल कोर्ट और अररिया व्यवहार न्यायालय को निशाना बनाने की बात कही गई थी। हालांकि जांच के बाद मामला केवल अफवाह साबित हुआ।

धमकी भरे मेल भेजने वाले ने खुद को लिट्टे का सदस्य अरुण कुमार बताया है। मेल में दावा किया गया कि कोर्ट परिसर में 3 आरडीएक्स बम प्लांट किए गए हैं, जिन्हें दोपहर 2:30 बजे रिमोट से उड़ाया जाएगा। मेल में यहां तक लिखा गया कि धमाके श्रीलंका के ईस्टर ऑपरेशन जैसे होंगे, जिससे दहशत और बढ़ गई।
धमकी मिलते ही बिहार के सभी संबंधित कोर्ट परिसरों को तुरंत खाली करा लिया गया। जज, वकील, कोर्ट स्टाफ अपने-अपने चैंबर से बाहर निकल आए। कैदी, गवाह और फरियादियों को भी वापस लौटा दिया गया। फिलहाल किसी को भी कोर्ट परिसर में जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पटना सिविल कोर्ट में पीरबहोर थाना पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड्रन ने मोर्चा संभाल लिया है।
कोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है। पटना सिविल कोर्ट के बाद पटना सिटी कोर्ट में भी सतर्कता बढ़ा दी गई। पुलिस ने पूरे परिसर को घेरकर डॉग स्क्वाड्रन से गहन जांच की।
राहत की बात यह रही कि अब तक किसी तरह के विस्फोटक मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। किशनगंज सिविल कोर्ट को भी ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जिसके बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया। गयाजी सिविल कोर्ट को सुबह 9:45 बजे धमकी भरा मेल मिला। सूचना मिलते ही पूरे परिसर को खाली कराया गया, डॉग स्क्वाड और सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए।
अररिया व्यवहार न्यायालय को जिला जज के आधिकारिक मेल आईडी पर धमकी मिली। इसके बाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई और आने-जाने वालों की सघन जांच शुरू कर दी गई। जांच के दौरान किसी भी कोर्ट परिसर से विस्फोटक मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि प्रशासन इसे हल्के में लेने को तैयार नहीं है। साइबर सेल ई-मेल की जांच की जा रही है।
मेल भेजने वाले की पहचान व लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश जारी है। धमकी भरे संदेश के पीछे असली कारण और भेजने वाला व्यक्ति कौन है, इसकी तह तक पहुंचने के लिए विभिन्न विभाग सहयोग के साथ काम कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी भी कोर्ट परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन धमकी को गंभीरता से लिया जा रहा है। मामले की जांच जारी है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।


