कर्पूरी ठाकुर के अधूरे सपने को हर हाल में पूरा करना है : तेजस्वी यादव

Dayanand Roy
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पटना : बिहार विधानसभा चुनाव में  करारी हार के बाद शनिवार को पहली बार राजद कार्यालय पहुंचे तेजस्वी यादव ने बिहार और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार में बेटियों के साथ लगातार अपराधिक घटनाएं हो रही हैं और भाजपा के लोग मजाक कर रहे हैं।

उन्होंने कहा उनके लोग इसके लिए बयान दे रहे हैं कि बिहार में छुट्टी के बाद तेजस्वी लौटा है, जिसके बाद अपराध बढ़ गए हैं। पहले कहते थे कि तेजस्वी बिहार में नहीं है, जब बिहार में है, तो भी उन्हें परेशानी है।

अगर उन्हें लगता है कि तेजस्वी दोषी है तो मुझे जेल में डाल देना चाहिए। इस दौरान तेजस्वी ने कहा कि आज कर्पूरी जयंती है। मैं यह कहना चाहता हूं कि न कर्पूरी झूके थे, न लालू जी  झूके और न ही यह तेजस्वी झुकेगा।

इससे पहले तेजस्वी यादव ने पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जननायक कर्पूरी ठाकुर को नमन किया। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत कर्पूरी ठाकुर के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए की और कहा कि आज हम सबको यह संकल्प लेने की आवश्यकता है कि उनके जो सपने अधूरे रह गए हैं, उन्हें आने वाले भविष्य में हर हाल में पूरा करना है।

तेजस्वी यादव ने बिहार की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सत्ता पक्ष पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज बिहार गरीबी, बेरोजगारी और पलायन जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में राज्य पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में न तो नए कारखाने लग रहे हैं और न ही उद्योगों का विकास हो रहा है, जिससे मजदूर और किसान पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, लेकिन सरकार को इसकी कोई फिक्र नहीं है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सत्ताधारी गठबंधन पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने कहा कि जो लोग पिछले 20 वर्षों से सत्ता में काबिज हैं, वे वही लोग हैं जिन्होंने कभी कर्पूरी ठाकुर के विचारों का विरोध किया था और उन्हें गालियां दी थीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग केवल चंद लोगों की बात करते हैं, आम जनता की नहीं।

उनके अनुसार, वर्तमान सरकार संविधान को बदलने और लोकतंत्र को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। हालिया चुनावी नतीजों और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी ने एक नई शब्दावली का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अब ‘लोक’ हार रहा है और ‘तंत्र’ जीत रहा है।” उन्होंने सत्ता पक्ष पर ‘मशीन तंत्र’ (ईवीएम) और ‘धन तंत्र’ के बल पर चुनाव जीतने का गंभीर आरोप लगाया।

तेजस्वी ने कहा कि जनता के समर्थन के बावजूद व्यवस्था के दुरुपयोग से जनमत को प्रभावित किया जा रहा है।  तेजस्वी यादव ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर और लालू प्रसाद यादव ने जीवन भर गरीबों की लड़ाई लड़ी और कभी किसी के सामने घुटने नहीं टेके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि लालू जी आज भी अपनी बीमारी की अवस्था में सिद्धांतों की लड़ाई लड़ रहे हैं। तेजस्वी ने कहा कि जब कर्पूरी जी नहीं झुके, लालू जी नहीं झुके, तो तेजस्वी भी झुकने वाला नहीं है। उन्होंने अंतिम सांस तक गरीबों और पिछड़ों के हक की आवाज उठाने का वादा किया। तेजस्वी ने चुनाव परिणामों का विश्लेषण करते हुए बताया कि भले ही वे सत्ता में न हों, लेकिन जनता का विश्वास उनके साथ है।

उन्होंने दावा किया कि पिछले चुनाव में उन्हें लगभग 1 करोड़ 90 लाख वोट मिले और बिहार की 60 फीसदी जनता ने वर्तमान सरकार के खिलाफ मतदान किया। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े साबित करते हैं कि बिहार की जनता बदलाव चाहती थी और आज भी राजद के साथ मजबूती से खड़ी है।

तेजस्वी यादव ने भविष्य की योजनाएं साझा करते हुए बताया कि बजट सत्र के बाद वे बिहार के हर जिले का दौरा करेंगे और बूथ स्तर पर संगठन को और अधिक मजबूत बनाएंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अन्याय के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखें। साथ ही, उन्होंने गणतंत्र दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए “गरीबों के राज” की स्थापना का आह्वान किया।

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