राजस्व सेवा संघ ने विजय सिन्हा के खिलाफ खोला मोर्चा

Dayanand Roy
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मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर हस्तक्षेप करने की मांग की

 

 

पटना : उपमुख्यमंत्री  विजय कुमार सिन्हा की ओर से जा रही कार्रवाई से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में हड़कंप मच गया है। विजय सिन्हा इस विभाग के मंत्री हैं। इन दिनों वे जिलों में घूम घूम कर लोगों की शिकायतें सुन रहे हैं।

उनके खिलाफ अंचलाधिकारियों के यूनियन बिहार राजस्व सेवा संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर कहा है कि उपमुख्यमंत्री उन्हें सार्वजनिक तौर पर अपमानित कर रहे हैं।

अगर ऐसा होता रहा तो सारे अधिकारी उनके कार्यक्रम का बहिष्कार कर देंगे। संघ ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से हस्तक्षेप की मांग की है। इस पर विजय सिन्हा ने  कहा है कि वह किसी के दबाव में नहीं आने वाले हैं।

संघ ने कहा है कि विभागीय मंत्री के द्वारा सार्वजनिक मंचों से राजस्व सेवा के अधिकारियों के विरूद्ध अपमानजनक टिप्पणी किए जाने से विभाग की गरिमा को ठेस पहुंच रही है। पत्र में कहा गया है कि हाल के दिनों में उप मुख्यमंत्री की टिप्पणी से संपूर्ण विभाग का उपहास हो रहा है। मंत्री तत्काल तालियों को तरजीह दे रहे हैं और अधिकारियों को मौके पर निलंबित करने की धमकी दे रहे हैं।

संघ ने इसे “तमाशाई शासन शैली” और औपनिवेशिक काल की याद दिलाने वाला बताया, जहां दंड प्रदर्शन को संवाद पर प्राथमिकता दी जाती थी। संघ ने कहा कि यदि यह मॉडल उचित है तो इसे सभी विभागों पर लागू किया जाए और चेतावनी दी कि इस तरह के कार्यक्रमों का वहिष्कार किया जाएगा। संघ ने मुख्यमंत्री से कहा है कि आज के दौर में सीओ पर जिम्मेदारियों का भारी बोझ है।

भूमि-सुधार, राजस्व, कानून-व्यवस्था, अतिक्रमण, आपदा और प्रमाणपत्र तक सब काम सीओ ही संभालते हैं। संसाधन बहुत कम, जिम्मेदारियां बहुत ज्यादा। ऐसे में किसी भी अधिकारी से हर काम पूरी तरह नहीं हो सकता।

मंत्री की नाराजगी स्वाभाविक हो सकती है, लेकिन अधिकारियों पर सार्वजनिक टिप्पणियों से माहौल खराब होता है। संघ का कहना है कि सरकार को सीओ से केवल भूमि और राजस्व का काम लेना चाहिए और अन्य जिम्मेदारियों से मुक्त रखना चाहिए। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो, लेकिन सभी को निशाना नहीं बनाया जा सकता।

उधर, विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट कर दिया है कि भू- माफिया और जमीन के दलालों को अब चेतावनी देने का समय नहीं , बल्कि  एक्शन का वक्त आ गया है। उन्होंने कहा कि हमने एक सप्ताह पहले ही चेतावनी दे दी थी। सभी अंचलाधिकारी और पदाधिकारियों को हमने कह दिया है कि जो फर्जी दस्तावेज लगाकर 420 का खेल खेलता है, सही जमीन को भी विवादित बना देता है, उनका पूर संज्ञान लें और सही जानकारी मिल जाए उसके बाद ऐसे लोगों के खिलाफ केस दर्ज करें।

विजय सिन्हा ने कहा कि सभी अंचल के अंदर हमने कहा है कि सभी अंचलाधिकारी जमीन से जुड़े मामले में भू माफिया, दलाल और बिचौलिया के खिलाफ सीधे कानूनी कार्रवाई करें। अगर अंचलाधिकारी ऐसे माफिया पर कार्रवाई नहीं करेंगे तो विभाग उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कुछ लोग, जो भू-माफियाओं के साथ सहानुभूति रखते हैं अगर वह बाज नहीं आए तो उन्हें किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके जनसंवाद कार्यक्रम में किसी को न तो गाली दिया जाता है और ना ही किसी को अपमानित किया जाता है। हजारों लोग जो अपनी समस्या लेकर आते हैं उनकी समस्या का समाधान किया जाता है।

इस कार्रवाई से वैसे लोगों को परेशानी हो रही है जो सुधार के काम को रोकना चाहते हैं। मैं नहीं जानता कि कौन कहां नाराजगी व्यक्त कर रहा है। मेरे पास किसी का पत्र नहीं आया है और ना ही हमसे किसी ने संपर्क करने की कोशिश की है। मैं बस इतना जानता हूं कि हमने कभी भी अराजकता के माहौल को स्वीकार नहीं किया है और ना ही किसी के दबाव में आने वाले हैं।

बता दें कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का मंत्री बनने के बाद विजय कुमार सिन्हा सार्वजनिक जन संवाद कर रहे हैं। वे जिलों में जाकर अधिकारियों के सामने आम लोगों की शिकायतें सुन रहे हैं। इसमें सीओ से लेकर कर्मचारियों के कारनामे लगातार सामने आ रहे हैं। विजय कुमार सिन्हा अब तक पटना के अलावा मुजफ्फरपुर और पूर्णिया में जन संवाद कर चुके हैं।

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