भाजपा 91 सीटें हासिल कर पहली बार बनी सबसे बड़ी पार्टी
महागठबंधन 37 सीटों पर सिमटा
महेश कुमार सिन्हा
पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक तस्वीर लगभग साफ कर दी है। चुनाव परिणाम में साफ हो गया है कि राज्य में एनडीए का बहुमत की सरकार बन रही है। भाजपा पहली बार 91 सीटों के साथ बिहार की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
जबकि जदयू 83 सीट जीत कर दूसरे नंबर पर सफल ह। एनडीए की ही सहयोगी लोजपा(रा) 19 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि हम 5 सीट और रालोमो- 4 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, महागठबंधन में राजद 27 सीटों पर, कांग्रेस 5 सीटों पर तो वामदल 3 सीटों पर आगे है।
उधर एआईएमआईएम – 5 सीटें जीतने में सफल रही है। चुनाव आयोग ने 243 सीटों का परिणाम जारी कर दिया है। जिसके अनुसार एनडीए को 202 सीट पर महागठबंधन 35 सीट पर, एआईएमआई-5 सीटों पर काबिज हुई है।
इस तरह विधानसभा चुनाव में एनडीए पर मतदाताओं ने भरोसा जताया और इसे पूर्ण बहुमत हासिल हुआ। इसका श्रेय एनडीए घटक दलों के आपसी तालमेल और बेहतर रणनीति के तहत चुनाव लड़ने को जाता है। एनडीए घटक दलों के कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे पर भरोसा जताया। विपक्ष की तरह से घटक दलों के कार्यकर्ताओं में फूट डालने के लिए तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जाती रहीं, लेकिन कार्यकर्ताओं की एकजुटता कायम रखने में एनडीए का कुशल नेतृत्व सफल हुआ। बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा ने प्रचंड वापसी की है। 101 में से 91 सीटें जीतकर पार्टी निर्णायक शक्ति बनकर उभरी है। पार्टी ने ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसकी कल्पना खुद शीर्ष नेतृत्व को नहीं था।
बिहार विधानसभा चुनाव में कुल 101 सीटों पर उम्मीदवार उतारने वाली भाजपा ने 91 सीटें जीतकर न सिर्फ अपनी राजनीतिक ताकत का प्रमाण दिया, बल्कि गठबंधन की राजनीति में अपनी केंद्रीय भूमिका भी तय कर दी। भाजपा का राज्य में यह अब तक का सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन माना जा रहा है। वहीं एनडीए ने कुल 202 सीट जीतकर फिर धमाकेदार वापसी की है। प्रचंड जीत के बाद भाजपा, जदयू, हम. रालोमो और लोजपा(रा) के कार्यालयों और पार्टीजनों के घरों में जश्न का माहौल है। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान एनडीए प्रत्याशियों के लिए भाजपा के स्टार प्रचारकों ने कुल 565 जनसभाएं की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सात बार बिहार आए और 14 चुनावी सभाएं और एक रोड शो किया।
वहीं केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बिहार विधानसभा चुनाव के अंतिम दिन तक कुल 36 जनसभा और रोड शो किया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुल 31 जनसभा व रोड शो किया। जिन इलाकों में मोदी, योगी और शाह ने चुनावी सभाएं की है, वहां पर एनडीए परचम लहराया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने 24 अक्टूबर को समस्तीपुर के कर्पूरी ग्राम से प्रचार अभियान की शुरुआत की थी, इसके बाद से लगातार पीएम मोदी ने समस्तीपुर, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, छपरा, सहरसा, कटिहार, आरा, नवादा, भागलपुर, अररिया, औरंगाबाद, भभुआ, सीतामढ़ी और बेतिया में सभाएं की। वहीं बिहार की राजधानी पटना में रोड शो किया।
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कुल 21 जनसभा को संबोधित किया था। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 15 चुनावी सभा की थी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी 7 जनसभा की। वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कुल 12 जन सभा की। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कुल 17 सभाओं को संबोधित किया था। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता 18 चुनावी जनसभा को संबोधित किया। जबकि असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने 10 जनसभा को संबोधित किया।
