रांची : जमशेदपुर में तीन दिवसीय मुद्रा उत्सव 2026 गुरूवार से शुरू हो रहा है। यह उत्सव 18 जनवरी तक चलेगा। साकची के जमशेदपुर क्वाइन म्यूजियम में आयोजित इस मुद्रा उत्सव में दुर्लभ मुद्राओं और सिक्का संग्राहकों के स्टॉल होंगे।
इस मुद्रा उत्सव का आनंद लेने के लिए सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक म्यूजियम विजिट किया जा सकता है। इसके लिए दस रुपये का प्रवेश शुल्क देना होगा जबकि सदस्यों के लिए इंट्री फ्री है।
मुद्रा उत्सव में ब्रिटिश काल से लेकर रिपब्लिक इंडिया के सिक्के प्रदर्शित किए जायेंगे। न्यूमिस्मैटिस्ट प्रेम पीयूष कुमार ने बताया कि मुद्रा उत्सव में सिक्कों के जरिये भारतीय संस्कृति, पुरातत्व और इतिहास की झलक मिलेगी।
गौरतलब है कि जमशेदपुर क्वाइन म्यूजियम देश का इकलौता सिक्का संग्रहालय है। मजेदार बात ये है कि यह दान के सिक्कों से शुरू हुआ था।
साकची के स्ट्रेट माइल रोड पर स्थित इस संग्रहालय का उद्घाटन टाटा स्टील के तत्कालीन सीओओ (चीफ ऑपरेटिंग आफिसर) हेमंत एम. नेरुरकर ने 29 अप्रैल 2009 को किया था।
शुरुआती दौर में इसके लिए टाटा स्टील के पूर्व प्रबंध निदेशक डॉ. जेजे ईरानी और पूर्व डिप्टी एमडी डॉ. टी. मुखर्जी ने दुर्लभ सिक्के दान किए थे। इसके बाद तो सिक्कों के कई शौकीनों ने इसमें सिक्के दिए।
वहीं, क्लब के पुराने सदस्य निताई बनर्जी ने जर्मनी के दुर्लभ सिक्के दिए हैं। टाटा स्टील के पूर्व इंजीनियर निताई बनर्जी जर्मनी में ही बस गए हैं। रांची के एक दुर्लभ सिक्का विक्रेता ने भी इसमें सिक्के दिए हैं।
