पश्चिमी सिंहभूम में बाबूलाल मरांडी का हेमंत सरकार पर हमला, कानून-व्यवस्था और अवैध खनन पर उठाए सवाल

मेघाहातुबुरू में बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर कानून-व्यवस्था, अवैध खनन, रोजगार और DMFT फंड को लेकर सवाल उठाए तथा निष्पक्ष जांच की मांग की।

Dayanand Roy
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Babulal Marandi : झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पश्चिमी सिंहभूम के मेघाहातुबुरू में राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, अवैध खनन, रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों को उठाते हुए कहा कि हेमंत सोरेन सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर साधा निशाना

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में सफल नहीं रही है। साथ ही आरोप लगाया कि पुलिस अपराध पर नियंत्रण करने के बजाय अवैध कोयला और बालू कारोबार पर अधिक ध्यान दे रही है।

अवैध खनन और DMFT फंड का मुद्दा उठाया

नेता प्रतिपक्ष ने राज्य में अवैध बालू खनन को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कारोबार खुलेआम चल रहा है। इसके अलावा पश्चिमी सिंहभूम के डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की।

रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी जताई चिंता

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य के शिक्षित युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को भी कमजोर बताते हुए सरकार से इन क्षेत्रों में प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

हो समाज ने सौंपा मांग पत्र

कार्यक्रम के दौरान आदिवासी हो समाज युवा महासभा के प्रतिनिधियों ने बाबूलाल मरांडी को एक मांग पत्र सौंपा। इसमें केंद्र सरकार से हो भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने और सरना धर्म कोड लागू करने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गोपी लागुरी ने किया।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व सांसद गीता कोड़ा, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई, जेबी तुबिद, मंगल गिलुवा सहित भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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