Rural Electrification : सदर प्रखंड की तामड़ा पंचायत स्थित केतार गांव के लिए शनिवार का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। आजादी के दशकों बाद पहली बार गांव में बिजली पहुंची, जिससे पूरे इलाके में उत्सव जैसा माहौल बन गया। वर्षों से अंधेरे में जीवन बिताने वाले ग्रामीणों ने इस पल का स्वागत खुशी और उत्साह के साथ किया।
बिजली आपूर्ति शुरू होने से पहले ग्रामीणों ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इसके बाद फीता काटकर ट्रांसफार्मर का उद्घाटन किया गया। जैसे ही ट्रांसफार्मर चालू हुआ और गांव के घरों में बिजली की रोशनी जगमगाने लगी, लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इस ऐतिहासिक क्षण का स्वागत तालियों और खुशी के नारों के साथ किया।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से वे बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित थे। शाम ढलते ही गांव अंधेरे में डूब जाता था, जिससे पढ़ाई, घरेलू कामकाज और अन्य जरूरी गतिविधियों में कई तरह की परेशानियां होती थीं। अब बिजली आने से ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
इस अवसर पर मौजूद वार्ड सदस्य राहुल मिश्रा ने कहा कि गांव के लोगों की यह लंबे समय से चली आ रही मांग थी, जो आखिरकार पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि बिजली केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि विकास का आधार है। इसके आने से शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे। विशेष रूप से बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिलेगा और ग्रामीण आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
ग्रामीणों ने इस उपलब्धि के लिए संबंधित विभाग और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। लोगों ने उम्मीद जताई कि जिस तरह बिजली की सुविधा गांव तक पहुंची है, उसी तरह सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी विस्तार जल्द किया जाएगा।
केतार गांव में पहली बार जली यह रोशनी केवल बिजली की नहीं, बल्कि विकास, उम्मीद और बेहतर भविष्य की नई किरण बनकर आई है।
