Nityanand Rai : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर रांची के ओरमांझी स्थित साईं नाथ यूनिवर्सिटी में आयोजित प्रबुद्ध नागरिक संवाद कार्यक्रम में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मोदी सरकार की उपलब्धियों और विकसित भारत-2047 के विजन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का प्रत्येक नागरिक इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नित्यानंद राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मूल मंत्र “विकास और विरासत” है। उन्होंने कहा कि देश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक विकास को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण इसी सोच का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है।
केंद्रीय मंत्री ने सुरक्षा के मुद्दे पर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं में भारी कमी आई है, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में उग्रवाद की घटनाएं भी काफी घटी हैं। उन्होंने दावा किया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है और विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं।
नित्यानंद राय ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल नवाचार और मजबूत नेतृत्व के कारण देश आज दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में आईआईटी, एम्स और मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि से युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया। इससे पूर्व नित्यानंद राय ने रांची में स्वच्छता अभियान में भाग लिया, सफाईकर्मियों को सम्मानित किया तथा सीआरपीएफ के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध नागरिक, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
