Jamtara News : जामताड़ा जिले में चौकीदार भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नियुक्ति पत्र जारी नहीं होने से चयनित अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गुरुवार को बड़ी संख्या में सफल अभ्यर्थी समाहरणालय पहुंचे और उपायुक्त (डीसी) को ज्ञापन सौंपकर जल्द नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग की।
अभ्यर्थियों का कहना है कि विज्ञापन संख्या 01/2025 के तहत चौकीदार भर्ती प्रक्रिया निर्धारित समय पर पूरी कर ली गई थी। भर्ती के लिए 17 फरवरी 2025 को विज्ञापन प्रकाशित किया गया था। इसके बाद 27 अप्रैल को लिखित परीक्षा आयोजित हुई और 5 मई को परिणाम घोषित कर दिया गया। आगे की प्रक्रिया के तहत 14 और 15 मई को शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं दौड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई, जबकि 19 मई को उसका परिणाम जारी किया गया।
अभ्यर्थियों ने बताया कि 19 और 20 मई को शारीरिक माप-तौल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 21 मई 2025 को 242 अभ्यर्थियों की अंतिम मेधा सूची प्रकाशित कर दी गई थी। इसके बावजूद अब तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए हैं, जिससे चयनित उम्मीदवारों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल अभ्यर्थियों ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया से संबंधित मामला पहले उच्च न्यायालय में लंबित था, जिसके कारण नियुक्ति पर रोक लगी हुई थी। हालांकि करीब दो माह पहले न्यायालय से स्थगन आदेश समाप्त हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है।
चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि नौकरी मिलने की उम्मीद में वे लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। कई उम्मीदवार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं और रोजगार नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक, सामाजिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका यह भी कहना है कि राज्य के अन्य जिलों में इसी भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्तियां हो चुकी हैं, जबकि जामताड़ा में मामला अब भी लंबित है।
ज्ञापन सौंपने वालों में दयामय दास, एंथनी किस्कू, जीवन कृष्ण सिंह, अख्तर हसन, बीरबल सोरेन, दिव्या कुमारी, रीना किस्कू, पूजा मुर्मू, सविता सिंह, दिलीप पंडित और जोगनाथ भोक्ता सहित कई चयनित अभ्यर्थी शामिल थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया कि नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर प्रशासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही नियुक्ति पत्र वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे चयनित अभ्यर्थियों को राहत मिल सके।
