मुंह और दांतों की सबसे आम बीमारियों में पायरिया यानी मसूड़ों का संक्रमण प्रमुख है। यह मुख्य रूप से प्लाक और टार्टर के जमा होने के कारण होता है। प्लाक भोजन के कणों और बैक्टीरिया से बनी एक पतली, चिपचिपी परत होती है, जो दांतों की सतह पर जमा रहती है। जब लार में मौजूद खनिज इस प्लाक में मिल जाते हैं, तो यह कठोर होकर टार्टर या कैल्कुलस में बदल जाता है।
प्लाक में मौजूद बैक्टीरिया विभिन्न एंजाइम और विषैले पदार्थ बनाते हैं, जो मसूड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं और संक्रमण का कारण बनते हैं।
मसूड़ों के संक्रमण के प्रकार
मसूड़ों की बीमारी मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है:
- जिनजिवाइटिस (Gingivitis): इस अवस्था में मसूड़े लाल, सूजे हुए और संवेदनशील हो जाते हैं। ब्रश करते समय या हल्के स्पर्श से भी उनमें से खून निकल सकता है।
- पेरियोडोंटाइटिस (Periodontitis): यह मसूड़ों का गंभीर संक्रमण है। इसमें मसूड़े दांतों से अलग होने लगते हैं और दांतों को सहारा देने वाली हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। परिणामस्वरूप दांत हिलने लगते हैं और उनके बीच गैप बनने लगता है।
दंतक्षय (Tooth Decay) के प्रमुख लक्षण
- दांतों में लगातार दर्द होना।
- ठंडा या गरम खाने-पीने पर संवेदनशीलता महसूस होना।
- दांतों पर काले या भूरे रंग के धब्बे दिखाई देना।
- मसूड़ों में सूजन या संक्रमण होना।
- दांतों में दरार या टूट-फूट दिखाई देना।
- मुंह से दुर्गंध आना।
- दांतों और मसूड़ों की सुरक्षा के उपाय
- हर भोजन के बाद पानी से अच्छी तरह कुल्ला करें।
- दिन में कम से कम दो बार ब्रश करें।
- रात को सोने से पहले ब्रश करना कभी न भूलें।
- हर 3 से 4 महीने में अपना टूथब्रश बदलें।
- ब्रश करने के लिए 2 से 3 मिनट पर्याप्त होते हैं।
- दांतों के बीच फंसे भोजन को फ्लॉस की मदद से साफ करें।
- कीटाणुरोधी माउथवॉश का उपयोग करें।
- जीभ की सफाई भी नियमित रूप से करें।
- हर 6 महीने में दंत चिकित्सक से जांच अवश्य कराएं।
खानपान में रखें विशेष ध्यान
दांतों को स्वस्थ रखने के लिए ताजे फल, हरी सब्जियां और कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें। दूसरी ओर पिज्जा, ब्रेड, बिस्किट, पेस्ट्री, चॉकलेट और अन्य बेकरी उत्पादों में अधिक मात्रा में शर्करा होती है, जो दांतों पर चिपककर सड़न का खतरा बढ़ाती है।
सॉफ्ट ड्रिंक्स दांतों की ऊपरी परत यानी एनामेल को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके अलावा धूम्रपान, तंबाकू और पान मसाले का सेवन मुंह और दांतों के स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। भोजन के बीच बार-बार मिठाइयां खाने से भी दांतों की समस्याएं बढ़ सकती हैं।
