नीतीश सरकार चुनावी वादे पूरा करने को अब खोलेगी खजाना

Dayanand Roy
2 Min Read

 महेश कुमार सिन्हा

पटना : नीतीश सरकार अपने चुनावी वादों को गंभीरता से ले रही है। सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले धोषणाओं की झड़ी लगा दी थी। ये सभी घोषनाएं लोककल्याणकारी थीं। इनमें मुख्य रूप से महिलाओं को स्वरोजगार के लिए  10-10 हजार रुपए देना, 125 यूनिट मुफ्त बिजली, वृद्धजन और अन्य पेंशन योजनाओं की राशि में वृद्धि शामिल शामिल हैं।

इसका सीधा असर सरकार  के बजट  पर पड़ा। इसकी वजह से सरकार को अब तक का सबसे बड़ा द्वितीय अनुपूरक बजट लाना पड़ा। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बुधवार को विधान सभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए  91,717 करोड़ रुपए का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया था।

विधानसभा ने शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को इससे संबंधित बिहार विनियोग (संख्या-4) विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी। इससे कुल 91,717.1135 करोड़ रुपये की राशि राज्य की समेकित निधि से विनियोजन किया जाना है।

विनियोजित राशि में 90,464.4635 करोड़ रुपये मतदेय एवं 1,252.65 करोड़ रुपये भारित है। कुल व्यय में राजस्व मद में 59,064.4284 करोड़ रुपये एवं पूंजीगत मद में 32,652.6851 करोड़ रुपये है।

प्रस्तावित राशि में स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय मद में (प्रभृत्त सहित) 40,462.9951 करोड़ रुपये है। प्रस्तावित राशि में वार्षिक स्कीम मद में 51,253.7784 करोड़ रुपये है। जबकि प्रस्तावित राशि में केन्द्रीय क्षेत्र स्कीम मद में 34 लाख रुपये है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *