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बिहार में सरकार गठन पर फंसा है पेंच, भाजपा के प्रेम कुमार हो सकते हैं स्पीकर

by Dayanand Roy

महेश कुमार सिन्हा

अमित शाह 19 को पटना आएंगे,सीएम नीतीश से मिलेंगे

पटना : बिहार में नई सरकार के गठन पर पेंच फंसा हुआ है।सरकार में बराबर की भागीदारी और स्पीकर पद को लेकर भाजपा और जदयू में खींचतान है। इसे सुलझाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री बुधवार को पटना आ रहे हैं। यहां पहुंचते ही वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने सीएम आवास जाएंगे। सूत्रों के अनुसार दोनों के बीच सरकार गठन को लेकर अहम बातचीत होगी। 

20 नवंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की नई सरकार का शपथ ग्रहण होना है। इससे पहले मंगलवार को दिल्ली में अमित शाह के आवास पर जदयू के दो बड़े नेता ललन सिंह और संजय झा की भाजपा के शीर्ष नेताओं से बातचीत हुई। करीब दो घंटे तक चली बैठक में विधान सभा अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री और कैबिनेट  में शामिल होने वाले मंत्रियों को लेकर बातचीत हुई।

सूत्रों की मानें तो भाजपा के वरिष्ठ नेता और गया टाउन सीट से विधायक डॉ. प्रेम कुमार को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। डॉ. प्रेम कुमार का नाम इस पद के लिए सबसे आगे चल रहा है। वह भाजपा के  वरिष्ठ नेता हैं और उनका लंबा राजनीतिक अनुभव रहा है।  इसी बीच प्रेम कुमार उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के आवास पहुंचे। प्रेम कुमार ने कहा कि “पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, हम उसी भूमिका में काम करेंगे।

पार्टी के निर्देश का पूरा पालन होगा।  विजय कुमार सिन्हा ने भी उनकी तारीफ करते हुए कहा कि “मैं खुद विधानसभा अध्यक्ष रह चुका हूं। प्रेम कुमार सदन में भाजपा के सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं। विधानसभा अध्यक्ष पद पर  दावा भाजपा और जदयू दोनों ने किया था। जदयू का कहना था कि चूंकि विधान परिषद में भाजपा के सभापति हैं, इसलिए विधानसभा में जदयू का अध्यक्ष होना चाहिए।

लेकिन भाजपा ने यह मांग नहीं मानी। दरअसल भविष्य में किसी तोड़फोड़ की आशंका की वजह से जदयू स्पीकर पद भाजपा को नहीं देना चाहती है। कैबिनेट का जो फाॅर्मूला तय किया गया है उसके अनुसार छह विधायक पर एक मंत्री होंगे। जिसका स्पीकर होगा उसका एक मंत्री कम होगा। ऐसे में भाजपा और जदयू से 15-15 मंत्री बनने हैं।लोजपा (रा) तीन, हम और रालोमो से एक-एक मंत्री होंगे। जदयू अपने कोटे के मंत्रियों में ज्यादा बदलाव नहीं करेगी। भाजपा बड़ा बदलाव कर नये चेहरों  को ला सकती है।

सूत्रों के मुताबिक मंत्रिपरिषद के गठन में जाति, धर्म और क्षेत्र के अलावा वरिष्ठता का भी ख्याल रखा जाएगा। माना जा रहा है कि दो में से  एक उपमुख्यमंत्री ब्राह्मण को बनाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो सीवान से चुनाव जीते मंगल पांडेय की लॉटरी लग सकती है। प्रेम कुमार को अगर विधानसभा अध्यक्ष बनाया जाता है तो विजय सिन्हा को मंत्री पद मिल सकता है।  पहल उन्हे स्पीकर  बनाने की बात चल रही थी।

 सूत्रों की मानें तो भाजपा से सम्राट चौधरी, मंगल पांडेय, रामकृपाल यादव, नितिन नबीन, रेणु देवी, विनोद मंडल, इंजीनियर शैलेंद्र, आनंद मिश्रा या मिथिलेश तिवारी (इनमें से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है), नीतीश मिश्रा और नीरज कुमार सिंह बबलू को शामिल किया जा सकता है। जबकि जदयू से श्रवण कुमार, मदन सहनी, लेशी सिंह, विजय चौधरी और संतोष सहनी ओ मंत्री बनाया जा सकता है। वहीं, लोजपा से राजू तिवारी को मंत्री बनाने की चर्चा है। जबकि रालोमो से माधव आनंद या स्नेहलता, इनमें से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है। वहीं हम से संतोष मांझी फिर से मंत्री बनाए जा सकते है।

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