रांची : झारखंड के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर झामुमो के केंद्रीय सदस्य डॉ तनुज खत्री ने कहा कि हेमंत सोरेन जी के नेतृत्व में बीते छह वर्ष झारखंड के लिए परिवर्तन, पारदर्शिता और भरोसे का वह दौर रहा जो पिछले दो दशकों में कहीं दिखाई नहीं दिया। राज्य ने पहली बार महसूस किया है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति और जनसमर्पण जब साथ आते हैं, तब विकास केवल नीतियों में नहीं, ज़मीन पर दिखता है।
डॉ तनुज ने कहा कि हेमंत सरकार की सबसे बड़ी विशेषता यही रही कि इसने योजनाएँ नहीं, परिणाम दिए। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, सामाजिक सुरक्षा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में जो काम हुए, वह झारखंड के इतिहास में पहले कभी इस गति और संवेदना के साथ नहीं हुए।उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चों के भविष्य को वैश्विक अवसरों से जोड़ने का ऐतिहासिक कदम मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ओवरसीज़ स्कॉलरशिप योजना रही है। आज झारखंड के आदिवासी बच्चे विदेशों की सर्वोच्च यूनिवर्सिटीज़ में पढ़ रहे हैं-यह झारखंड की नई पहचान और नई दिशा है।
युवाओं को शिक्षा के लिए आर्थिक स्वतंत्रता देने वाली गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना, बेटियों को सुरक्षा और स्वाभिमान की नई राह देने वाली सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, और महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की ओर लेकर जाने वाली माइयाँ सम्मान योजना-ये सब हेमंत सरकार की संवेदनशील सोच का प्रमाण हैं।उन्होंने कहा कि झारखंड की शिक्षा व्यवस्था में जो संरचनात्मक बदलाव आए हैं, वे आने वाले वर्षों में राज्य को पूरी तरह नई पहचान देंगे। सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस, मॉडल कॉलेज, डिग्री कॉलेज और नए विश्वविद्यालयों की स्थापना-यह सिर्फ भवन निर्माण नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए मजबूत बुनियाद तैयार करने का कार्य है।
डॉ तनुज ने कहा कि कर्मचारियों के हितों को सम्मान देते हुए सरकार ने ओल्ड पेंशन स्कीम को पुनः लागू कर यह साबित किया है कि यह सरकार कर्मचारियों के सम्मान और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध, संवेदनशील और जिम्मेदार सरकार है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन जी की सरकार ने विकास को राजनीति का विषय नहीं बनने दिया, बल्कि राजनीति को विकास की ज़िम्मेदारी बनाया।इन छह वर्षों में झारखंड ने जो आत्मविश्वास, स्थिरता और सकारात्मक दिशा महसूस की है, वही आने वाले समय में राज्य की असली ताकत बनेगी।
